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Jaunpur News: तकनीकी शिक्षा के माध्यम से बंदियों को किया जा रहा हुनरमंद
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जिला कारागार में कैदियों व बंदियों के व्यक्तित्व विकास को लेकर प्रयास तेज है। बंदियों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे वह प्रशिक्षित होकर यहां से बाहर निकलने पर रोजगार प्राप्त कर सकें या स्वरोजगार शुरू कर सकें। तकनीकी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रयागराज की तरफ से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान ने इसके लिए दो कम्प्यूटर के साथ एक प्रशिक्षक उपलब्ध कराया है। इसमें 30 बंदियों का चयन कर दो पालियों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
जेल प्रशासन की नई पहल पर तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रयागराज से स्थानीय जिला कारागार में दो कम्प्यूटर व मॉनीटर मुहैया कराकर एक प्रशिक्षक भी नियुक्त कर दिया गया है। जिला कारागार में 1185 बंदी हैं। कम्प्यूटर की मदद से एक कमरे में बंदियों को सुबह नौ से सायं साढ़े चार बजे तक दो पालियों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही इन्हें प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है।
कैदी व बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्हें कम्प्यूटर शिक्षा से दक्ष किया जा रहा है। यहां से निकलने के बाद यह बंदी कंप्यूटर की जानकारी रखने के बाद चाहे तो रोजगार व स्वरोजगार शुरू कर सके। - कुलदीप सिंह, जेलर, जिला कारागार।
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जेल प्रशासन की नई पहल पर तकनीकी एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रयागराज से स्थानीय जिला कारागार में दो कम्प्यूटर व मॉनीटर मुहैया कराकर एक प्रशिक्षक भी नियुक्त कर दिया गया है। जिला कारागार में 1185 बंदी हैं। कम्प्यूटर की मदद से एक कमरे में बंदियों को सुबह नौ से सायं साढ़े चार बजे तक दो पालियों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही इन्हें प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है।
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कैदी व बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्हें कम्प्यूटर शिक्षा से दक्ष किया जा रहा है। यहां से निकलने के बाद यह बंदी कंप्यूटर की जानकारी रखने के बाद चाहे तो रोजगार व स्वरोजगार शुरू कर सके। - कुलदीप सिंह, जेलर, जिला कारागार।
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