{"_id":"6a51430b40bbe8e2d6084ed9","slug":"preparations-for-the-convocation-ceremony-students-showcase-talent-in-essay-writing-painting-and-speech-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-158698-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीक्षांत समारोह की तैयारी : निबंध, चित्रकला और भाषण में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीक्षांत समारोह की तैयारी : निबंध, चित्रकला और भाषण में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
विज्ञापन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रतियोगिताओं के दौरान गोद लिए गए गांवों के
मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने अपने गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से शुक्रवार को विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया।
एकलव्य स्टेडियम और राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में आयोजित निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी मेधा का शानदार प्रदर्शन किया। चयनित प्रतिभागियों को दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। उत्कृष्ट चित्रों की प्रदर्शनी भी समारोह में लगाई जाएगी, उनका संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित होगा।
कक्षा तीन से आठ और कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग वर्गों में भाषण, पेंटिंग और स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिताएं कराई गईं। इस दौरान पारंपरिक खेल, 100 मीटर दौड़, पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गीत और अभिनय, देशभक्ति गीत, लोकनृत्य तथा मेरी मां विषय पर भाषण, निबंध, काव्य पाठ और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
विज्ञापन
वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, पर्यावरण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर अपने गांवों में किए गए कार्यों और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। । राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के साथ उनमें सामाजिक सरोकार, राष्ट्रप्रेम और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है। संचालन पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव ने किया।
विकसित भारत की बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं पर : कुलपति
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है। छात्र केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि विषयों को समझकर सीखने की आदत विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, घर का पौष्टिक भोजन खाने और जंक फूड से दूरी बनाने की भी सलाह दी। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और इंटरमीडिएट विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विज्ञापन
एकलव्य स्टेडियम और राष्ट्रीय सेवा योजना भवन में आयोजित निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी मेधा का शानदार प्रदर्शन किया। चयनित प्रतिभागियों को दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। उत्कृष्ट चित्रों की प्रदर्शनी भी समारोह में लगाई जाएगी, उनका संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित होगा।
विज्ञापन
कक्षा तीन से आठ और कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग वर्गों में भाषण, पेंटिंग और स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिताएं कराई गईं। इस दौरान पारंपरिक खेल, 100 मीटर दौड़, पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गीत और अभिनय, देशभक्ति गीत, लोकनृत्य तथा मेरी मां विषय पर भाषण, निबंध, काव्य पाठ और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
विज्ञापन
वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, पर्यावरण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर अपने गांवों में किए गए कार्यों और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। । राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के साथ उनमें सामाजिक सरोकार, राष्ट्रप्रेम और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है। संचालन पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव ने किया।
विकसित भारत की बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं पर : कुलपति
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है। छात्र केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि विषयों को समझकर सीखने की आदत विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, घर का पौष्टिक भोजन खाने और जंक फूड से दूरी बनाने की भी सलाह दी। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और इंटरमीडिएट विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।