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ट्रांसफार्मर जलने व फाल्ट से बाधित हो रही बिजली आपूर्ति, बिना जुगाड़ नहीं रहा काम
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हियापुर स्थित वर्कशॉप पर रखे गये ट्रांस्फामर्र। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। प्रशासन का भले ही शेड्यूल के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने का दावा है लेकिन बिजली निगम इसे पूरा नहीं कर पा रहा है। कहीं ट्रांसफार्मर जलने से तो कहीं फाल्ट आने के नाम पर बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, खेती किसानी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाके लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा बिना जुगाड़ लगाए ट्रांसफार्मर जल्दी नहीं लग पाता है। जनपद में साढ़े पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इन्हें बिजली उपलब्ध कराने के लिए 60 उपकेंद्र बनाए गए हैं। वहीं 48 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। बिजली आपूर्ति के लिए शहर से तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल भी निर्धारित किया गया है। बिजली निगम के रोस्टर के मुताबिक, शहर में 24 घंटे, तहसील में 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है लेकिन तय शेड्यूल के मुताबिक लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। वजह आए दिन ट्रांसफार्मर जलने से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है तो वहीं फाल्ट आने से बिजली आपूर्ति ठप हो रही है। वहीं, विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जनपद में अप्रैल से लेकर अब तक डेढ़ हजार से अधिक ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। हालांकि इनमें अधिकांश को लगा दिया गया है। वहीं, पड़ताल करने पर यह भी बात सामने आई कि बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर तकरीबन तीन से चार दिन के जले हुए हैं। सदर तहसील क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में लगा 40 केबीए का ट्रांसफार्मर शुक्रवार को जल गया। चार दिन बीत जाने के बाद भी अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदलाया गया। आटा चक्की से लेकर नलकूप बंद पड़े हैं। लोगों ने कहा कि बुधवार तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा तो आंदोलन को बाध्य होंगे। रामनगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने के बाद लोगों को कई दिन तक ट्रांसफार्मर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर ठेकेदारों द्वारा पैसे का खेल खेला जा रहा है। शासन की मंशा है कि 48 घंटे में जले ट्रांसफार्मर को मौके पर ट्रांसफार्मर ले जाकर लगा दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। कुत्तूपुर गांव में जले ट्रांसफार्मर को लगवाने के लिए ग्रामीणों को कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायत करनी पड़ी, तब जाकर चार दिन बाद किसी तरह लगा। यही स्थिति हर जगह की है। ट्रांसफार्मर लगवाने वाले ठेकेदार जब जुगाड़ लगाते हैं, तब वहां ट्रांसफार्मर लगता है। बाकी लोगों को कई दिन तक इंतजार करवाने के बाद किसी तरह ट्रांसफार्मर लगाते हैं। डोभी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन छह घंटे से लेकर आठ घंटे बिजली सप्लाई मिल रही है। बिजली विभाग जेई गजानंद ने बताया कि बरसात की वजह से क्षेत्र में जगह जगह फाल्ट हो जा रहे हैं, जिससे विद्युत सप्लाई देने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। मछलीशहर क्षेत्र ग्रामीण इलाकों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। उपकेंद्र द्वारा दिनभर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति फाल्ट ठीक करने के लिए बंद रहती हैं तो रात में फाल्ट आने के कारण बंद कर दी जाती हैं। इस अव्यवस्था को लेकर लोग परेशान है। बदलापुर ग्रामीण अंचल में बिजली महज 10 घंटे से 12 घंटे तक की मिल रही है। विद्युत आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा यहां के जर्जर तार हैं। तमाम खबरों के बावजूद भी जर्जर तार बदले नहीं जा रहे हैं। इससे आए दिन जगह-जगह तार टूट कर बिजली आपूर्ति में बाधक बना होता है।
बारिश के कारण फाल्ट आता है। रात में डेढ़ बजे से शिकायत मिलने पर फाल्ट को सही कराया जा रहा है। जहां तक ट्रांसफार्मर की बात है, जानकारी होते ही लगवा दिया जाता है। जुगाड़ की कोई बात ही नहीं है। - विवेक खन्ना, उप महाप्रबंधक विद्युत
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बारिश के कारण फाल्ट आता है। रात में डेढ़ बजे से शिकायत मिलने पर फाल्ट को सही कराया जा रहा है। जहां तक ट्रांसफार्मर की बात है, जानकारी होते ही लगवा दिया जाता है। जुगाड़ की कोई बात ही नहीं है। - विवेक खन्ना, उप महाप्रबंधक विद्युत
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