जौनपुर। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और जनता को त्वरित सहायता देने के उद्देश्य से बनाए गए पुलिस बूथ अब महज शोपीस बनकर रह गए हैं। नियमित निगरानी और पुलिसकर्मियों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के 68 में से 35 पुलिस बूथों पर ताला लटक रहा है। जिन बूथों के ताले खुलते भी हैं, वहां पुलिसकर्मी महज आधा से एक घंटा रुककर चले जाते हैं। इसके चलते फरियादियों को प्रचंड गर्मी में मदद के लिए थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं जबकि पुलिस अधिकारी थानों में आराम से बैठे रहते हैं। साल 2025 में तत्कालीन एसपी डॉ. कौस्तुभ ने अपराधियों पर नकेल कसने और बॉर्डर इलाकों की निगरानी के लिए जिलेभर में 109 पुलिस बूथ स्थापित करवाए थे। मंगलवार को की गई पड़ताल में दोपहर 12:09 बजे लाइन बाजार के लाडनपुर तिराहा बूथ पर ताला मिला। जफराबाद के जोगीवीर बाबा मंदिर के पास 11:50 बजे और मुफ्तीगंज के माइक्रोटेक कॉलेज आजाद नगर बूथ पर दोपहर 12:58 बजे सन्नाटा पसरा था। मड़ियाहूं के शिवपुर बाईपास स्थित बूथ पर भी सुबह 10:22 बजे ताला लटका पाया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच ये बूथ अधिकांश समय बंद रहते हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में कोई मदद नहीं मिल पाती।

दोपहर 12ः09 बजेः लाडनपुर तिराहा में बंद पड़ा पुलिस बूथ । संवाद

दोपहर 12ः09 बजेः लाडनपुर तिराहा में बंद पड़ा पुलिस बूथ । संवाद

दोपहर 12ः09 बजेः लाडनपुर तिराहा में बंद पड़ा पुलिस बूथ । संवाद