{"_id":"5f15dc588ebc3e63887e2415","slug":"opd-starts-two-days-later-patients-arrive-scared-jaunpur-news-vns5369558127","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन बाद शुरू हुई ओपीडी, डरे-डरे पहुंचे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन बाद शुरू हुई ओपीडी, डरे-डरे पहुंचे मरीज
विज्ञापन
जौनपुर। कोरोना का मरीज मिलने के बाद से बंद जिला अस्पताल की ओपीडी दो दिन बाद सोमवार को खुली तो सहमते हुए मरीज पहुंचे। आम दिनों में जहां 1200 से ज्यादा मरीज आते थे, वहां महज 181 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
जिला अस्पताल में एक डॉक्टर और एक स्टाफ कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद ओपीडी बंद कर दी गई थी। सोमवार को अस्पताल खुलने के बाद बाहर से आने वाले मरीजों से दूरी बनाकर डॉक्टर इलाज कर रहे थे। आम दिनों में 1200 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं लेकिन सोमवार को महज 181 मरीज ही इलाज कराने आए। उसमें ज्यादातर मरीज ऐसे थे जिनका नियमित इलाज चल रहा है। सोमवार को अस्पताल खोलने से पहले वार्डों के अलावा चिकित्सक कक्ष, स्टाफ कक्ष, वेटिंग हाल, दवा वितरण कक्ष और मरीजों के लिए पर्ची बनाने वाले कक्ष को सैनिटाइज कराया गया। बाहर से आने वाले मरीजों को गेट पर ही सैनिटाइज किया जा रहा था। मास्क लगाने के बाद ही मरीजों को अंदर दाखिल होने दिया गया। सुबह ओपीडी शुरू हुई तो करीब दस मरीज वेटिंग हाल में थे। दोपहर डेढ़ बजे तक 181 मरीजों की इलाज किया गया। दोपहर 12 बजे ही अस्पताल का वेटिंग हाल खाली हो गया था। ओपीडी कक्ष में डॉक्टर और स्टाफ खाली बैठे रहे।
15 दिन से खराब है सैनिटाइजिंग मशीन
जौनपुर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर लगी ऑटोमेटिक सैनिटाइजिंग मशीन एक पखवाड़े से बंद है। अस्पताल में प्रवेश करने से पहले मरीज इसके नीचे खड़े होकर खुद को सैनिटाइज कर लेते थे। जिससे डॉक्टर और स्टाफ भी राहत में महसूस करते थे।
विज्ञापन
कोरोना का संक्रमण को देखते हुए अस्पताल परिसर को प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जा रहा है। बहुत जरूरी होने पर ही मरीज इलाज कराने के लिए आएं। बेवजह अस्पताल में आने की जरूरत नहीं। बिना मास्क के किसी को प्रवेश ही इजाजत नहीं है। एक दूसरे से दूरी बनाते हुए दवा लेकर वापस घर चले जाएं। -डॉ. एके शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर
विज्ञापन
जिला अस्पताल में एक डॉक्टर और एक स्टाफ कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद ओपीडी बंद कर दी गई थी। सोमवार को अस्पताल खुलने के बाद बाहर से आने वाले मरीजों से दूरी बनाकर डॉक्टर इलाज कर रहे थे। आम दिनों में 1200 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं लेकिन सोमवार को महज 181 मरीज ही इलाज कराने आए। उसमें ज्यादातर मरीज ऐसे थे जिनका नियमित इलाज चल रहा है। सोमवार को अस्पताल खोलने से पहले वार्डों के अलावा चिकित्सक कक्ष, स्टाफ कक्ष, वेटिंग हाल, दवा वितरण कक्ष और मरीजों के लिए पर्ची बनाने वाले कक्ष को सैनिटाइज कराया गया। बाहर से आने वाले मरीजों को गेट पर ही सैनिटाइज किया जा रहा था। मास्क लगाने के बाद ही मरीजों को अंदर दाखिल होने दिया गया। सुबह ओपीडी शुरू हुई तो करीब दस मरीज वेटिंग हाल में थे। दोपहर डेढ़ बजे तक 181 मरीजों की इलाज किया गया। दोपहर 12 बजे ही अस्पताल का वेटिंग हाल खाली हो गया था। ओपीडी कक्ष में डॉक्टर और स्टाफ खाली बैठे रहे।
विज्ञापन
15 दिन से खराब है सैनिटाइजिंग मशीन
जौनपुर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर लगी ऑटोमेटिक सैनिटाइजिंग मशीन एक पखवाड़े से बंद है। अस्पताल में प्रवेश करने से पहले मरीज इसके नीचे खड़े होकर खुद को सैनिटाइज कर लेते थे। जिससे डॉक्टर और स्टाफ भी राहत में महसूस करते थे।
विज्ञापन
कोरोना का संक्रमण को देखते हुए अस्पताल परिसर को प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जा रहा है। बहुत जरूरी होने पर ही मरीज इलाज कराने के लिए आएं। बेवजह अस्पताल में आने की जरूरत नहीं। बिना मास्क के किसी को प्रवेश ही इजाजत नहीं है। एक दूसरे से दूरी बनाते हुए दवा लेकर वापस घर चले जाएं। -डॉ. एके शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर