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फास्टैग से जुड़े अब तक सिर्फ 30 फीसदी वाहन
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मछलीशहर क्षेत्र के कुंवरपुर स्थित टोल प्लाजा से गुजरते वाहन।
- फोटो : JAUNPUR
मछलीशहर। सभी टोल प्लाजा पर एक जनवरी से फास्टैग के जरिए ही टोल भुगतान का आदेश लागू हो जाएगा। इस आदेश के प्रभावी होते ही टोल पास करने के लिए नकद भुगतान पर रोक लग जाएगी। शासन इसे सख्ती से लागू करने के लिए भले ही तैयार हो, मगर अधिकांश वाहन चालकों के लिए यह नई व्यवस्था मुश्किल बढ़ाने वाली है। अब तक वह फास्टैग से नहीं जुड़ पाए हैं।
रायबरेली हाइवे पर कुंवरपुर गांव में स्थित टोल प्लाजा से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। हाईवे से गुजरने वाले 70 फीसदी वाहनों में यह सुविधा नहीं है। लिहाजा अभी वह नकद लेन-देन ही कर रहे हैं। टोल प्लाजा के प्रबंधक घनश्याम मिश्र का कहना है कि प्रतिदिन करीब 800से 900 वाहन ही फास्टैग लगाकर गुजरते हैं। इनमें भी दस फीसदी संख्या नए शासनादेश के बाद बढ़ी है। अन्य 70 फीसदी वाहन अभी भी नकद भुगतान ही कर रहे हैं। उन्हें एक जनवरी से लागू होने वाले नए नियम के बारे में समझाया जा रहा है।
व्यवस्था में है खामी
हाइवे पर फास्टैग लगाकर चलने वाले वाहन चालकों को कभी सर्वर डाउन होने के कारण चिप स्कैनिंग में देर हो जाती हैं। पैसा न कटने के कारण उन्हें आगे बढ़ने का सिग्नल नहीं मिलता और गेट बंद होने से यात्रा बाधित होती हैं। इसके अलावा खाते में पैसा नहीं होने पर भी सिग्नल नहीं मिलता हैं और गेट बंद रहता है। इसके चलते अक्सर टोल प्लाजा के पास लंबी कतार भी वाहनों की लग रही है। ऐसे में न चाहते हुए भी कइयों को नकद भुगतान ही देकर यात्रा करनी पड़ती है।
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रायबरेली हाइवे पर कुंवरपुर गांव में स्थित टोल प्लाजा से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। हाईवे से गुजरने वाले 70 फीसदी वाहनों में यह सुविधा नहीं है। लिहाजा अभी वह नकद लेन-देन ही कर रहे हैं। टोल प्लाजा के प्रबंधक घनश्याम मिश्र का कहना है कि प्रतिदिन करीब 800से 900 वाहन ही फास्टैग लगाकर गुजरते हैं। इनमें भी दस फीसदी संख्या नए शासनादेश के बाद बढ़ी है। अन्य 70 फीसदी वाहन अभी भी नकद भुगतान ही कर रहे हैं। उन्हें एक जनवरी से लागू होने वाले नए नियम के बारे में समझाया जा रहा है।
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व्यवस्था में है खामी
हाइवे पर फास्टैग लगाकर चलने वाले वाहन चालकों को कभी सर्वर डाउन होने के कारण चिप स्कैनिंग में देर हो जाती हैं। पैसा न कटने के कारण उन्हें आगे बढ़ने का सिग्नल नहीं मिलता और गेट बंद होने से यात्रा बाधित होती हैं। इसके अलावा खाते में पैसा नहीं होने पर भी सिग्नल नहीं मिलता हैं और गेट बंद रहता है। इसके चलते अक्सर टोल प्लाजा के पास लंबी कतार भी वाहनों की लग रही है। ऐसे में न चाहते हुए भी कइयों को नकद भुगतान ही देकर यात्रा करनी पड़ती है।
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