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मोदी-योगी सरकार में अन्याय के खिलाफ बोलना गुनाह, दलित-पिछड़ों की विरोधी है सरकार: ओमप्रकाश
Mon, 15 Jun 2020 09:53 PM IST
विचित्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 15 Jun 2020 09:53 PM IST
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ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : amar ujala
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जौनपुर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा की सरकारों को दलित-पिछड़ा, अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में दलितों-पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है। सोमवार को पसेवां पहुंचे राजभर ने पिछले दिनों दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या की वारदात की निंदा की। उन्होंने परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि मोदी-योगी सरकार में अन्याय के खिलाफ बोलना या आवाज उठाना गुनाह है। ऐसा करने वालों को जेल भेजा जा रहा है। अगर मीडिया सही समाचार दे रहा है तो उस पर भी मुकदमा कराया जा रहा है। कहा कि प्रदेश में कानून का राज ही नहीं है। इसका सबसे बड़ा सबूत प्रतापगढ़ में थाने में हुई हत्या है।
अगर दिल्ली में किसी अगड़े के साथ कोई घटना हो जाती है तो पूरे देश में उबाल आ जाता है, मगर दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक पर होने वाले अन्याय की चर्चा तक नहीं की जाती है। न गुंडाराज और न भ्रष्टाचार के नारे पर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने ‘न’ अक्षर हटा दिया है। आरोप लगाया कि प्रदेश के 95 विभागों में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए हैं। इस दौरान बृजेश राजभर, बृजेश प्रजापति, बेजबान राजभर, अरविंद राजभर, अरुण राजभर, विनोद सोनकर आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि मोदी-योगी सरकार में अन्याय के खिलाफ बोलना या आवाज उठाना गुनाह है। ऐसा करने वालों को जेल भेजा जा रहा है। अगर मीडिया सही समाचार दे रहा है तो उस पर भी मुकदमा कराया जा रहा है। कहा कि प्रदेश में कानून का राज ही नहीं है। इसका सबसे बड़ा सबूत प्रतापगढ़ में थाने में हुई हत्या है।
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अगर दिल्ली में किसी अगड़े के साथ कोई घटना हो जाती है तो पूरे देश में उबाल आ जाता है, मगर दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक पर होने वाले अन्याय की चर्चा तक नहीं की जाती है। न गुंडाराज और न भ्रष्टाचार के नारे पर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने ‘न’ अक्षर हटा दिया है। आरोप लगाया कि प्रदेश के 95 विभागों में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए हैं। इस दौरान बृजेश राजभर, बृजेश प्रजापति, बेजबान राजभर, अरविंद राजभर, अरुण राजभर, विनोद सोनकर आदि मौजूद रहे।
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