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ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब ट्रैक पर देना होगा टेस्ट

Wed, 29 Jun 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:42 PM IST
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Now test will have to be given on the track for driving license
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब वाहन चालकों को स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर दक्षता का परीक्षण करवाया जाएगा। इसके लिए जिले में स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाएगा। यह 5500 वर्ग मीटर में बनेेगा इसके लिए भूमि चिन्हित किया जा रहा है। टेस्टिंग ट्रैक पर वाहन चालकों का परीक्षण कंप्यूटर द्वारा किया जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस के बनवाने के लिए अब वाहन चालकों को टेस्टिंग ट्रैक पर वाहन दौड़ाना होगा। इस व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले व्यक्तियों की दक्षता का परीक्षण हो सकेगा। यह परीक्षण कोई और नहीं बल्कि कंप्यूटर करेगा और रिपोर्ट भी देगा। इसके बाद ही उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस जारी होगा। अभी तक टेस्ट देने की व्यवस्था जिले में नहीं है, जबकि टेस्ट देने के बाद ही लाइसेंस जारी करने का प्रावधान है। ट्रैक बनने के बाद वाहन चालकों की दक्षता की जांच आसानी किया जा सकेगा। यह ट्रैक आधुनिक उपकरण से सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दिया है। भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को विभाग पत्र ने भेजा है। जिला प्रशासन ने भूमि जल्द उपलब्ध कराने का अश्वासन दिया है।
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आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा ट्रैक
ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर चालक की दक्षता जांच के लिए आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को यहां गाड़ी चलाकर दिखाना पड़ेगा। इसके बाद ही उनके लाइसेंस जारी किए जाएंगे। वाहन को दाएं बाएं करने के अलावा स्पीड एवं अन्य उपकरणों को आपरेट करने में अभ्यर्थी कितने दक्ष हैं। यह कंप्यूटर ही बताएगा। हालांकि इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारी भी रहेंगे।
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5333.18 वर्ग मीटर भूमि में होगा निर्माण
इस नई व्यवस्था में कार्यालय भवन निर्माण के लिए 4000 वर्ग मीटर, ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के निर्माण के लिए 1025.18 वर्ग मीटर एवं फिटनेस पीट निर्माण के लिए 308 वर्ग मीटर इस प्रकार कुल 5333.18 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए विभाग की ओर से जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है।
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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए वाहन चालकों को स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर परीक्षण करवाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन से भूमि चिन्हित करने के लिए पत्र लिखा गया है। टेस्ट लेने के लिए स्वचालित टेस्टिंग ट्रैक बनने से सहूलियत होगी, इसके बनने के बाद कुशल चालक निकल सकेंगे।
- एसपी सिंह, एआरटीओ
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