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अब शीघ्र चमकेंगी जिले की 37 सड़कें, आवागमन में होगी सहूलियत
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जौनपुर। पंचायत चुनाव की आचार संहिता के कारण जिले में रुके पड़े 37 सड़कों का निर्माण अब शीघ्र शुरू होगा, इसके लिए जिम्मेदार तैयारी शुरू कर दिए हैं। वे सड़क के निर्माण का टेंडर मिलने वाले ठेकेदारों के कागजात की शीघ्र जांच करेंगे, इसके बाद फिर ठेकेदारों की ओर से 10 फीसदी एफडी जमा करने के बाद उनको वर्क स्वीकृत करने का कार्य करेंगे।
जिले के 37 सड़कों पर चलना दुभर हो गया था। कारण, सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। वहीं गड्ढे में भी तब्दील हो गई थीं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इन सड़कों को बनाने के लिए फरवरी माह में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शासन से 151 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है। जिम्मेदारी मिलने के बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने मार्च में टेंडर करा दिया, लेकिन तब तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई थी। इससे सड़क निर्माण का कार्य रुक गया। अब अधिसूचना समाप्त होने के बाद फिर जिम्मेदार सड़कों का निर्माण कराने की तैयारी में जुट गए हैं। सड़क निर्माण के लिए टेंडर मिलने वाले ठेकेदारों से उनके ठेके से संबंधित कागजात जांच करने के लिए शीघ्र मांगा गया है। कागजात जांच करने के बाद ठेकेदार को 10 फीसदी एफडी जमा करनी होगी। एफडी जमा करने के बाद ठेकेदारों को सड़क बनाने का कार्य स्वीकृत कर दिया जाएगा, जिसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
सड़कों का निर्माण कराने की तैयारी शुरू हो गई है। ठेकेदारों को उनके ठेके से संबंधित कागजात शीघ्र देने को कहा गया है। इसकी जांच के बाद ठेकेदारों को 10 फीसदी एफडी जमा करनी होगी। इसके बाद ठेकेदारों को सड़क के निर्माण का कार्य स्वीकृत कर दिया जाएगा। -प्रमोद कुमार, अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग।
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जिले के 37 सड़कों पर चलना दुभर हो गया था। कारण, सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। वहीं गड्ढे में भी तब्दील हो गई थीं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इन सड़कों को बनाने के लिए फरवरी माह में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शासन से 151 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई है। जिम्मेदारी मिलने के बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने मार्च में टेंडर करा दिया, लेकिन तब तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई थी। इससे सड़क निर्माण का कार्य रुक गया। अब अधिसूचना समाप्त होने के बाद फिर जिम्मेदार सड़कों का निर्माण कराने की तैयारी में जुट गए हैं। सड़क निर्माण के लिए टेंडर मिलने वाले ठेकेदारों से उनके ठेके से संबंधित कागजात जांच करने के लिए शीघ्र मांगा गया है। कागजात जांच करने के बाद ठेकेदार को 10 फीसदी एफडी जमा करनी होगी। एफडी जमा करने के बाद ठेकेदारों को सड़क बनाने का कार्य स्वीकृत कर दिया जाएगा, जिसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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सड़कों का निर्माण कराने की तैयारी शुरू हो गई है। ठेकेदारों को उनके ठेके से संबंधित कागजात शीघ्र देने को कहा गया है। इसकी जांच के बाद ठेकेदारों को 10 फीसदी एफडी जमा करनी होगी। इसके बाद ठेकेदारों को सड़क के निर्माण का कार्य स्वीकृत कर दिया जाएगा। -प्रमोद कुमार, अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग।
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