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Jaunpur News: लाखों रुपये पानी की तरह बह गए, फिर भी सरोवरों में अमृत का अकाल

Mon, 10 Feb 2025 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2025 12:32 AM IST
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Lakhs of rupees flowed away like water, yet there is famine of nectar in the lakes.
चंदवक। केंद्र और राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में शुमार अमृत सरोवर योजना जौनपुर के डोभी ब्लाॅक में सिर्फ कागज पर ही पूरी है। यहां 16 गांवों में 20 अमृत सरोवरों के निर्माण पर 6 से 8 लाख तक खर्च हो गए लेकिन कहीं पानी नहीं पहुंचा कहीं निर्माण पूरा नहीं हुआ। जिम्मेदारों का कहना है कि बजट की कमी से काम पूरा नहीं हो सका है।
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अमर उजाला की टीम ने शनिवार को डोभी ब्लाॅक के अलग-अलग गांवों में बने अमृत सरोवरों की पड़ताल की। इसमें अधिकतर अमृत सरोवार सूखे और अधूरे हैं। यहां के प्रधानों ने सीधे विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बजट की कमी के चलते निर्माण पूरे नहीं हो सके हैैं। बताया कि किसी की फाइल पेंडिंग पड़ी है तो किसी का भुगतान ही नही हो रहा।
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दृश्य-1-डोभी ब्लाक स्थित पनिहर ग्राम सभा में सचिवालय भवन के पास डेढ़ साल पहले कुल आठ लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर योजना के तहत सरोवर का निर्माण कराया गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश में एक बार पानी भरा था फिर गर्मी आने से पहले ही सरोवर पूरी तरह से सूख गया है। घाट पर बनी अधूरी सीढियां, सरोवर के किनारे लगी सीमेंटेड बेंच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम प्रधान संजय कुमार ने बताया कि सरोवर के निर्माण के मद में पक्के काम का भुगतान नहीं हुआ है।
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दृश्य-2-भीमपुर गांव जहां के प्राइमरी विद्यालय के पीछे बना हुआ सरोवर पूरी तरह सूखा हुआ। सरोवर के किनारे बने अधूरे इंटरलॉकिंग ब्रिक्स का रनिंग ट्रेक क्षतिग्रस्त हो चुका है। सूखे सरोवर में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते आते हैं। सरोवर के किनारे कचरे का ढेर लगा हुआ है। ग्राम प्रधान शशिबाला ने बताया कि काम के अपेक्षा धनराशि कम आवंटित होने के कारण दुबारा एस्टीमेट रिवाइज करके बढ़ाने के लिए कहा गया है।
दृश्य-3-डोभी ब्लाक के उत्तरी पूर्वी इलाके में बसे कोइलारी गांव में बना अमृत सरोवर भी अधूरा ही है। इस सरोवर में भी मिट्टी का काम करने के बाद ऐसे ही काम अटका पड़ा हुआ है। सूखे सरोवर में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आए। रनिंग ट्रेक और बेंच आदि का पक्का काम नही हो सका है। जबकि कागज पर इसका काम पूरा दिखाया गया है। ग्राम प्रधान विक्रांत राम ने सीधे विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के तबादले के चक्कर में काम अटका है।
ये होना था काम
अमृत सरोवर योजना के तहत कम से कम एक एकड़ में फैले पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार कराने के बाद इसकी बाउंड्री कराना, सरोवर के चारों ओर पक्का घाट व सीढि़यां, चारों ओर पाथवे, हरियाली के लिए पौधरोपण, बैठने के लिए बेंच और प्रकाश के लिए सोलर लाइट लगाया जाना है। इसमें जल संरक्षण के साथ ही मछली पालन, सिंचाई, सिंघाड़े की खेती आदि भी कराना है।

अमृत सरोवरों के काम अधूरे होने की बात गलत है। भुगतान या बजट की बात गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी कमियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा।- नंदलाल कुमार, बीडीओ, डोभी
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