फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Kashi Sambhal temple dispute in Jaunpur allegation breaking Shivling demand building temple

UP : काशी, संभल के बाद अब जाैनपुर में मंदिर विवाद, शिवलिंग को खंडित करने का आरोप; मुस्लिम पक्ष ने कही ये बात

Sat, 21 Dec 2024 05:39 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 21 Dec 2024 05:39 PM IST
सार

Jaunpur News : जाैनपुर के मुल्ला-टोला मोहल्ले में कब्रिस्तान के बीचों-बीच मौजूद शिवलिंग को खंडित करने का आरोप सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस अधिकारी ने इस पर कहा है कि ऐसी चीजों पर ध्यान न दें। माैके पर शिवलिंग सही स्थिति में स्थापित है।

विज्ञापन
Kashi Sambhal temple dispute in Jaunpur allegation breaking Shivling demand building temple
मुल्ला-टोला मोहल्ले में कब्रिस्तान के बीचों-बीच मौजूद शिवलिंग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जौनपुर के नगर कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला-टोला मोहल्ले में कब्रिस्तान के बीचों-बीच मौजूद शिवलिंग को खंडित करने के आरोप को लेकर शुक्रवार को हिंदू पक्ष के लोगों ने कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने शिवलिंग को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर बनाने की मांग की तो मुस्लिम पक्ष सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगा रहा है। जिसके बाद से उस स्थल के पास पीएसी बल तैनात कर दी गई है।

विज्ञापन


मुफ्ती मोहल्ला वार्ड के हिंदू पक्ष के रतन मौर्य ने आरोप लगाया कि मुल्ला टोला में कब्रिस्तान के बीच में ऐतिहासिक शिवलिंग है, जिसकी लंबे समय से उनके पूर्वज पूजा करते चले आ रहे हैं। बार-बार कुछ अराजक तत्व इसको खंडित करने की कोशिश करते रहते हैं। जिसको लेकर हिंदू पक्ष के लोग शुक्रवार को कोतवाली का घेराव किए।
विज्ञापन




उनकी मांग है कि शिवलिंग को घेरकर या फिर मंदिर बनाकर सुरक्षित किया जाए। उनके पिता बताते थे कि यहां आठ फीट मोटा पीपल हुआ करता था, जहां जल चढ़ाने के बाद वहीं गणेश और राधा-कृष्ण के मूर्ति की लोग पूजा करते थे। करीब 28 साल पहले पीपल का पेड़ सूखकर गिर गया तो वहां बड़े आकार का शिवलिंग निकला। जिसकी लोग रोजाना पूजा-अर्चन कर जल चढ़ाया करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां पर मुस्लिम आबादी ज्यादा होने के कारण यहां पर मौर्या परिवार के लोग डर के कारण खालिसपुर गांव जाकर बस गए। फिर भी चार परिवार के करीब 15 से 20 सदस्य शिवलिंग की पूजा करते रहे।

हिंदू पक्ष की शिकायत व मुस्लिम पक्ष की आबादी को देखते हुए वहां पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। शुक्रवार सायं ही सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रनंदन सिंह ने पुलिस बल के साथ वहां पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। इस दौरान शांति व्यवस्था का कायम रखने के लिए प्रकाश व कैमरे आदि लगाने का निर्देश दिया।

Kashi Sambhal temple dispute in Jaunpur allegation breaking Shivling demand building temple
मुल्ला-टोला मोहल्ले में माैजूद पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला

बोला मुस्लिम पक्ष
मुल्ला टोला के कब्रिस्तान में शिवलिंग है। जिसका डीएम के समक्ष हिंदू व मुस्लिम पक्ष में समझौता हुआ था। पहले यहां पीपल के पेड़ के नीचे छोटे-छोट पत्थर हुआ करते थे, जहां लोग पूजा करते थे। 2016 में पीपल का पेड़ गिर गया तो वहां शिवलिंग रखा गया। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी। झूठी अफवाह उड़ाकर सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। - फैसल यासीन, पूर्व सभासद, मुफ्ती मोहल्ला।

इनकी भी सुनें
हिंदू पक्ष की शिकायत पर मुल्ला टोला में जाकर देखा गया। जहां पता चला कि बहुत पहले यहां पर मंदिर में शिवलिंग व पीपल का पेड़ था। पीपल का पेड़ गिर गया तो कमरे भी टूट गए। वर्तमान में खुले में है। यहां लोग निर्माण कराना चाह रहे है। यहां पर रोजाना पूजा नहीं होती, साल में दो से तीन बार कभी पूजा होती है। सतर्कता को देखते हुए प्रकाश व पीएसी बल की व्यवस्था कर दी गई है। साथ ही अस्थायी कैमरे भी लगवाए जा रहे हैं। - इंद्रनंदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट।

शिवलिंग क्षतिग्रस्त की सूचना पूरी तरह से गलत है। वहां पूजा पाठ करने में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं है। सतर्कता की दृष्टिकोण से पुलिस फोर्स लगा दी गई है। - अरविंद वर्मा, एडिशनलए एसपी सिटी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed