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जंघई स्टेशन ए-श्रेणी का, सुविधाएं नदारद
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 10 Jul 2016 01:07 AM IST
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जंघई स्टेशन परिसर में लगा बारिश का पानी।
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वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल प्रखंड का सबसे बड़ा स्टेशन जंघई मूल भूत सुविधाओं से वंचित है। करोड़ों रुपये महीने का राजस्व देने वाले स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का टोटा है। यात्री प्रतीक्षालय में जलजमाव, पुराना शौचालय जर्जर व खराब होना, पानी की टोटी खराब होना,
प्लेट फार्म काफी नीचा होना और रात में पूरे स्टेशन परिसर में अंधेरा होना यह दर्शाता है कि रेल महकमा जंघई को सिर्फ कागजों में ही ए-श्रेणी स्टेशन घोषित कर रखा है। उसे यात्री सुविधाओं से कोई लेना देना नही है।
जंघई जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रिओ की काफी भीड़ रहती है, यहां एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का ठहराव होता है। यहां से वाराणसी जौनपुर इलाहाबाद व लखनऊ के लिए यात्री ट्रेनों का अदला बदली करते हैं। हण्डिया, सुरियावा, बदलापुर, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर तक यात्री यहां ट्रेन पकड़ने आते है।
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जिससे रेलवे को लगभग डेढ़ करोड़ महीने इनकम होता है। उसके बाद भी यात्री सुविधाओं की अनदेखी की जाती है। प्लेट फार्म नबंर एक काफी नीचा है, टीन शेड पूरे रेल परिसर तक नही फैला है। जिससे बरसात में लोगो को भींग कर ट्रेन पकड़ना पड़ता है। जनरेटर होने के बाद भी रात में पूरे परिषर में अंधेरा रहता है। जिससे चोर उचक्के सक्त्रस्ीय रहते हैं।
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प्लेट फार्म काफी नीचा होना और रात में पूरे स्टेशन परिसर में अंधेरा होना यह दर्शाता है कि रेल महकमा जंघई को सिर्फ कागजों में ही ए-श्रेणी स्टेशन घोषित कर रखा है। उसे यात्री सुविधाओं से कोई लेना देना नही है।
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जंघई जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रिओ की काफी भीड़ रहती है, यहां एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का ठहराव होता है। यहां से वाराणसी जौनपुर इलाहाबाद व लखनऊ के लिए यात्री ट्रेनों का अदला बदली करते हैं। हण्डिया, सुरियावा, बदलापुर, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर तक यात्री यहां ट्रेन पकड़ने आते है।
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जिससे रेलवे को लगभग डेढ़ करोड़ महीने इनकम होता है। उसके बाद भी यात्री सुविधाओं की अनदेखी की जाती है। प्लेट फार्म नबंर एक काफी नीचा है, टीन शेड पूरे रेल परिसर तक नही फैला है। जिससे बरसात में लोगो को भींग कर ट्रेन पकड़ना पड़ता है। जनरेटर होने के बाद भी रात में पूरे परिषर में अंधेरा रहता है। जिससे चोर उचक्के सक्त्रस्ीय रहते हैं।