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जौनपुर: दोगुनी हुई गोमती में बढ़ाव की रफ्तार, डीएम ने किया दौरा, केराकत और डोभी के कई गांवों में घुसा पानी
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चंदवक में बाढ़ के पानी से घर डूबने के बाद बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान पर जाता परिवार। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। शहर के मध्य से गोमती नदी का जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार तक नदी का जल स्तर एक फीट के हिसाब से बढ़ रहा था, लेकिन, 24 घंटे में यह रफ्तार दो गुना हो गई। स्थिति यह हो गई कि बृहस्पतिवार को नदी का जल स्तर 13 फीट पर पहुंच गया है। जबकि एक दिन पहले जल स्तर 11 फीट पर था। दोपहर बाद जल नदी का पानी गोमतेश्वर महादेव में जाने वालों के कमर के ऊपर हो गया है, जिससे वहां अब पूजा-पाठ बंद कर दिया गया है।
वहीं, केराकत और डोभी से गुजरी गोमती नदी के तटवर्ती निचले इलाके के कई गांवों में पानी घुस गया है। यहां कई घरों के चारों तरफ पानी लग गया है, जिससे लोगों का निकलने मुश्किल हो गया है। हालांकि दोपहर बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने भी इन प्रभावित इलाकों का दौरा किया। साथ ही मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिया। विधायक दिनेश चौधरी के साथ डीएम ने केराकत में गोमती नदी के बढे़ जल स्तर के कारण प्रभावित हुए बलुवा, चंदवक गोमती घाट बरमलपुर गांव का दौरा किया। डीएम ने बलुवा गांव के बाढ़ पीड़ित पांच लोगों को 10-10 किलों का अनाज वितरण किया। साथ ही उपजिलाधिकारी से सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राशन आदि का वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने एसडीएम से राजस्व टीम लगाकर सभी गांव के लोगों के प्रभावित फसलों की क्षति का आंकलन यथा शीघ्र कराने को कहा। डीएम ने एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक को निर्देश दिया कि जहां नाव की आवश्यकता हो वहां नावों का संचालन कराना सुनिश्चित कराए।
घरों के चारों तरफ पानी ही पानी,डूबी फसलों का आंकलन कराने का आदेश
डोभी। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा गोमती नदी के तटवर्ती कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व डूबी फसलों का आंकलन करने का दिया आदेश दिया। डीएम ने बाढ़ प्रभावित बरइछ गांव में पांच लोगों को राशन वितरित किया। चंदवक घाट के जिन निचले हिस्सों में पानी घुस गया है और लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है के बारे में जानकारी हासिल किया। साथ ही चंदवक प्रधान गीता यादव व खंड विकास अधिकारी डॉक्टर छोटेलाल तिवारी को निर्देशित किया कि तत्काल उनके लिए पुनर्वास की व्यवस्था कराए।
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पानी में घिरे कई घर
केराकत। गोमती नदी के चंदवक घाट किनारे बसे लोगों के घर पानी से घिर चुका है। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई दर्जनों लोगों के मकान व मड़हे पानी में घुसने से उनके सामने रहने की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। कुछ तो धार्मिक स्थलों पर तो कुछ लोग अन्य स्थानों पर पनाह ले लिए हैं। बलुआ के भी दर्जनों रिहायशी मकान व मड़हे में पानी घुस गया है। सरोज बड़ेवर, महादेवा, कृपाने, बेहड़ा का अरका, बरैछाबीर बीर,बरमलपुर, बलुआ आदि गांवों के तटीय क्षेत्रों में सभी तरह की फसलें जलासमाधि हो चुकी है।
300 बीघा फसल पानी में डूबी
केराकत। बलुआ के रंजीत निषाद, छोटे लाल, मुनक्का, बाबूलाल ,सुदर्शन, बीरू, रामधनी, अवधूत, रविंद्र, भास्कर,लालचंद आदि किसानों की धान, बजरी ,मक्का, उर्फ तिल्ली आदि की दो सौ बीघा की फसलें डूबकर बर्बाद हो चुकी है। इसी प्रकार बरैछाबीर में दल्लू राम, लल्लन राम, दीना नाथ , गिरजा देवी ,मनोज शर्मा, बलिराम गौंड़, रतन कुमार, राजेश, संजय, जनक कुमार, अजय गौंड़, निहारी लाल ,बंशराज, सत्यदेव राम, राजकुमार, जनक शर्मा, राधेश्याम निषाद, बेचू निषाद,सुदामा देवी एवं राम बचन आदि की करीब सौ बीघा फसलें डूब चुकी हैं।
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वहीं, केराकत और डोभी से गुजरी गोमती नदी के तटवर्ती निचले इलाके के कई गांवों में पानी घुस गया है। यहां कई घरों के चारों तरफ पानी लग गया है, जिससे लोगों का निकलने मुश्किल हो गया है। हालांकि दोपहर बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने भी इन प्रभावित इलाकों का दौरा किया। साथ ही मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिया। विधायक दिनेश चौधरी के साथ डीएम ने केराकत में गोमती नदी के बढे़ जल स्तर के कारण प्रभावित हुए बलुवा, चंदवक गोमती घाट बरमलपुर गांव का दौरा किया। डीएम ने बलुवा गांव के बाढ़ पीड़ित पांच लोगों को 10-10 किलों का अनाज वितरण किया। साथ ही उपजिलाधिकारी से सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राशन आदि का वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने एसडीएम से राजस्व टीम लगाकर सभी गांव के लोगों के प्रभावित फसलों की क्षति का आंकलन यथा शीघ्र कराने को कहा। डीएम ने एसडीएम चंद्र प्रकाश पाठक को निर्देश दिया कि जहां नाव की आवश्यकता हो वहां नावों का संचालन कराना सुनिश्चित कराए।
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घरों के चारों तरफ पानी ही पानी,डूबी फसलों का आंकलन कराने का आदेश
डोभी। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा गोमती नदी के तटवर्ती कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व डूबी फसलों का आंकलन करने का दिया आदेश दिया। डीएम ने बाढ़ प्रभावित बरइछ गांव में पांच लोगों को राशन वितरित किया। चंदवक घाट के जिन निचले हिस्सों में पानी घुस गया है और लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है के बारे में जानकारी हासिल किया। साथ ही चंदवक प्रधान गीता यादव व खंड विकास अधिकारी डॉक्टर छोटेलाल तिवारी को निर्देशित किया कि तत्काल उनके लिए पुनर्वास की व्यवस्था कराए।
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पानी में घिरे कई घर
केराकत। गोमती नदी के चंदवक घाट किनारे बसे लोगों के घर पानी से घिर चुका है। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई दर्जनों लोगों के मकान व मड़हे पानी में घुसने से उनके सामने रहने की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। कुछ तो धार्मिक स्थलों पर तो कुछ लोग अन्य स्थानों पर पनाह ले लिए हैं। बलुआ के भी दर्जनों रिहायशी मकान व मड़हे में पानी घुस गया है। सरोज बड़ेवर, महादेवा, कृपाने, बेहड़ा का अरका, बरैछाबीर बीर,बरमलपुर, बलुआ आदि गांवों के तटीय क्षेत्रों में सभी तरह की फसलें जलासमाधि हो चुकी है।
300 बीघा फसल पानी में डूबी
केराकत। बलुआ के रंजीत निषाद, छोटे लाल, मुनक्का, बाबूलाल ,सुदर्शन, बीरू, रामधनी, अवधूत, रविंद्र, भास्कर,लालचंद आदि किसानों की धान, बजरी ,मक्का, उर्फ तिल्ली आदि की दो सौ बीघा की फसलें डूबकर बर्बाद हो चुकी है। इसी प्रकार बरैछाबीर में दल्लू राम, लल्लन राम, दीना नाथ , गिरजा देवी ,मनोज शर्मा, बलिराम गौंड़, रतन कुमार, राजेश, संजय, जनक कुमार, अजय गौंड़, निहारी लाल ,बंशराज, सत्यदेव राम, राजकुमार, जनक शर्मा, राधेश्याम निषाद, बेचू निषाद,सुदामा देवी एवं राम बचन आदि की करीब सौ बीघा फसलें डूब चुकी हैं।