UP: कॉमनवेल्थ गेम्स की जैवलिन थ्रो के फाइनल में शामिल होंगे जौनपुर के रोहित, जीत के लिए गांव में विशेष पूजा
कॉमनवेल्थ गेम्स की जैवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में जौनपुर के रोहित यादव भाग लेंगे। रोहित के स्वर्णिम प्रदर्शन के लिए जौनपुर में दुआओं का दौर जारी है। वहीं पिता ने पहलवान बीर बाबा व विंध्यधाम में मत्था टेका।
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कॉमनवेल्थ गेम्स की जैवलिन थ्रो स्पर्धा का फाइनल 31 जुलाई की रात होगा। इसमें जौनपुर के एथलीट रोहित यादव की स्वर्णिम कामयाबी के लिए उनके पैतृक गांव अदारी-डभिया में दुआओं का दौर शुरू हो गया है। उनके पिता सभाजीत यादव सबसे ज्यादा उत्साहित हैं। वह बेटे की सफलता के लिए लगातार पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
सभाजीत यादव ने बताया कि बुधवार को उन्होंने विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन किया, जबकि बृहस्पतिवार को गोधना स्थित पहलवान बीर बाबा धाम पहुंचकर बेटे की जीत की प्रार्थना की। उनका कहना है कि रोहित का फाइनल तक पहुंचना ही परिवार और पूरे जिले के लिए गर्व की बात है, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि वह पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने बताया कि जैवलिन थ्रो स्पर्धा के फाइनल में 12 खिलाड़ियों ने जगह बनाई है। क्वालिफिकेशन राउंड में रोहित यादव ने 78.37 मीटर थ्रो कर नौवें स्थान के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। उनके साथ भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने भी फाइनल में प्रवेश किया है।
सभाजीत यादव का कहना है कि क्वालिफिकेशन राउंड में रोहित अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक नहीं पहुंच सके, लेकिन फाइनल में उनसे बेहतर प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है। उन्हें विश्वास है कि रोहित पूरी क्षमता और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरकर भारत के लिए पदक जीतेंगे।
रोहित के फाइनल में पहुंचने की खबर से अदारी-डभिया गांव में उत्साह का माहौल है। ग्रामीण उनकी जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि गांव का बेटा अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है, यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान की बात है।
रात 11 बजे होगा खिताबी मुकाबला
अब पूरे देश और खासतौर पर जौनपुरवासियों की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। शुक्रवार की रात भारतीय समयानुसार 11 बजे यह खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। हाल ही में सत्र के राष्ट्रीय टूर्नामेंट में 87.05 मीटर भाला फेंककर भारत में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले रोहित से इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीतने की प्रबल उम्मीदें हैं।