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Jaunpur News: संस्थागत प्रसव में वाराणसी मंडल में जौनपुर पहले स्थान पर

Mon, 05 Feb 2024 01:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Feb 2024 01:08 AM IST
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Jaunpur ranks first in Varanasi division in institutional deliveries.
जौनपुर। जिले में संस्थागत प्रसव के प्रति शहरी से आगे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं हैं। शहरी महिलाओं का रुझान जहां निजी अस्पतालों की ओर है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल की सेवा लेना उचित समझती हैं। स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों के मुताबिक बीते तीन वर्षों में देखा जाए तो संस्थागत प्रसव के मामले में वाराणसी मंडल में जौनपुर पहले नंबर है।
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सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है। संस्थागत प्रसव का मतलब है प्रशिक्षित और सक्षम स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में एक चिकित्सा संस्थान में बच्चे को जन्म देना है। इससे मां और बच्चे की मृत्यु की संभावना कम होती है। साथ ही प्रसव के पश्चात आने वाली जटिलता को आसानी से संभाला जा सकता है। इसके अलावा प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक मदद भी मिलती है। सरकारी अस्पताल पर प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रुपये व शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। साथ ही एंबुलेंस से आने-जाने की सुविधा मिलती है। बीते वर्ष जौनपुर में 69460 संस्थागत प्रसव हुए हैं। वाराणसी मंडल में योजना के क्रियान्वयन की गति अच्छी है। वाराणसी मंडल के चारों जिलों में पहले जौनपुर फिर वाराणसी, तीसरे नंबर पर गाजीपुर इसके बाद चंदौली है।
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संस्थागत प्रसव के ये हैं फायदे
संस्थागत प्रसव में कुशल डॉक्टर व प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में जिला चिकित्सालय और स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव होता है। किसी भी जटिल परिस्थिति से निपटने में आसानी रहती है। इसके साथ ही आवश्यक दवा और उपकरणों की मौजूदगी, बच्चे की जटिलता पर तुरंत चिकित्सीय सुविधा, संक्रमण का खतरा न रहना, खून की कमी पर पूर्ति की सुविधा आदि रहती है। जन्म के समय बच्चे को सांस नहीं आ रही या धीमी आ रही है, तो सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में उनके उपचार की सुविधा दी जाती है।
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संस्थागत प्रसव कराना सुरक्षित होता है। इसमें मां और बच्चा दोनों सुरक्षित रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं का संस्थागत प्रसव कराया जाए। - डॉ. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ, जौनपुर
आंकड़े एक नजर में
वित्तीय वर्ष - जिला - संस्थागत प्रसव की संख्या
2020-21 - गाजीपुर - 64282
- चंदौली - 42708
- जौनपुर - 74498
- वाराणसी - 61643
2021-22 - गाजीपुर - 49949
- चंदौली - 40691
- जौनपुर - 70874
- वाराणसी - 64034
2022-23 - गाजीपुर - 60521
- चंदौली - 42237
- जौनपुर - 69460
- वाराणसी - 60001

संजय चतुर्वेदी

संजय चतुर्वेदी

संजय चतुर्वेदी

संजय चतुर्वेदी

संजय चतुर्वेदी

संजय चतुर्वेदी

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