जौनपुर। केमिस्ट एंड कॉस्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन ने निजी चिकित्सकों द्वारा एकाधिकार स्थापित करने के उद्देश्य से दवाओं की उपलब्धता को सीमित करने के प्रयासों का विरोध किया है। बृहस्पतिवार को संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला औषधि निरीक्षक से मिलकर निजी चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रोकने की मांग की। कहा, चिकित्सक चुनिंदा दवा विक्रेताओं के यहां उपलब्ध दवाओं को लिखते हैं जो मरीज महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर होते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि निजी चिकित्सकों द्वारा लिखी गई कई दवाएं कुछ खास जगहों पर ही मिलने से मरीजों को दिक्कतें होती हैं। दवाओं का मनमाना मूल्य देना पड़ता है। संगठन के अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने कहा कि दवाई आवश्यक वस्तु है और ऐसा किया जाना औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश 2013 का उल्लंघन है। महामंत्री राजेंद्र निगम ने कहा कि निजी चिकित्सकों के साथ यह प्रवृत्ति सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों में भी बढ़ती जा रही है। मरीजों को ऐसी दवाई लेने के लिए बाध्य किया जाता है जो चुनिंदा दवा विक्रेताओं के यहां उपलब्ध होती हैं।
औषधि निरीक्षक अमित बंसल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में महामंत्री राजेंद्र निगम, संयोजक दिलीप गुप्ता, लल्लन यादव, उपाध्यक्ष अश्विनी श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, हरीश त्रिपाठी, इरफान अहमद, ओम प्रकाश मौर्य, रिटेलर्स फोरम के अध्यक्ष ध्रुव जायसवाल, सचिव धर्मेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।