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एक आरओबी बनाने में ही लगे आठ साल, तीन की अभी कोई योजना नहीं
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चार तरफ से रेलवे क्रॉसिंग से घिरे शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सभी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की जरूरत है। इसके लिए पूर्व में प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है, मगर सरकारी व्यवस्था इतनी सुस्त है कि मड़ियाहूं रोड पर सिटी रेलवे क्रॉसिंग के पास आरओबी बनाने में ही आठ साल गुजर गए। इस आरओबी को इसी माह के आखिरी सप्ताह तक चालू होने की उम्मीद है। यह आरओबी चालू भी हो जाए तो जाम से राहत मिलना मुश्किल है। यातायात के बेतहाशा दबाव और दूसरी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए कोई भी पहल न होने से शहरवासियों को पहले से भी अधिक फजीहत झेलनी पड़ सकती है।
मड़ियाहूं रोड पर सिटी स्टेशन के निकट रेलवे क्रॉसिंग पर वर्ष 2012 में आरओबी के लिए मंजूरी मिली थी। परियोजना की मंजूरी के बाद निर्माण शुरू होने में ही दो साल गुजर गए। कभी बजट की कमी तो कभी कोर्ट का स्थगन आदेश, कभी ठेकेदारों की मनमानी तो कभी वन विभाग का अड़ंगा जैसी तमाम अड़चनों को पार करते हुए तकरीबन आठ साल बाद यह आरओबी चालू होने के लिए तैयार है। इस परियोजना की मंजूरी के वक्त जाम से निजात दिलाने की जो मंशा थी, वह अब निर्माण के बाद भी पूरी होते नहीं दिख रही है। आरओबी के निर्माण शुरू होने के बाद गुजरे आठ वर्षों में शहर में यातायात का दबाव बढ़ा है। आजमगढ़ से जौनपुर होते हुए प्रयागराज जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण का काम भी काफी हद तक हो चुका है। वाराणसी से लखनऊ जाने वाले वाहन भी पॉलीटेक्निक चौराहा से ही गुजर रहे हैं। ऐसे में जगदीशपुर और नईगंज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लंबा जाम लग जाता है। अब मड़ियाहूं होते हुए मिर्जापुर जाने वाले वाहन नए आरओबी से गुजरेंगे तो पॉलीटेक्निक चौराहे पर वाहनों का दबाव बेतहाशा बढ़ेगा। चारों तरफ से वाहन यहां पहुंचने से जाम की समस्या बढ़ना तय है, फिर भी जिम्मेदार इस मसले पर मौन साधे हुए हैं।
इन रेलवे क्रॉसिंग पर है आरओबी की दरकार
जौनपुर। आजमगढ़-जौनपुर-प्रयागराज मार्ग पर शहर में सिपाह रेलवे क्रॉसिंग और जौनपुर-सुल्तानपुर रेल लाइन पर सीहीपुर के पास आरओबी निर्माण की जरूरत है। इसके अलावा वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर शहर में जगदीशपुर रेलवे क्रॉसिंग पर भी लंबे समय से आरओबी के निर्माण की मांग चल रही है। वाराणसी-सुल्तानपुर और वाराणसी-फैजाबाद दोनों रेल खंडों पर ट्रेनों की अधिक संख्या होने के कारण हर 20 से 25 मिनट बाद रेलवे क्रासिंग बंद करनी होती है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होते ही पूरे शहर को जाम से जूझना पड़ता है।
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यह थी योजना
सिटी रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी की मंजूरी के बाद अन्य तीनों क्रॉसिंग के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया था। मंशा थी कि समय से प्रस्ताव स्वीकृत हो जाए तो एक-एक कर तीनों क्रॉसिंग निर्मित हो जाएंगे। जिससे शहर की बड़ी समस्या हल हो जाएगी। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और प्रशासन स्तर पर ठोस पैरवी के अभाव में तीनों प्रस्ताव धरे ही रह गए। इस क्रॉसिंग पर आरओबी को बनने में भी लंबा वक्त लग गया।
सिटी स्टेशन के पास आरओबी का निर्माण इसी महीने में पूरा हो जाएगा। सिपाह और सीहीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन अब यह सड़क एनएचएआई की हो गई है। इस नाते आरओबी के लिए सेतु निगम की ओर से पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव का कोई मतलब नहीं है। -जेपी गुप्ता, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।
अभी एक सप्ताह पहले ही कार्यभार ग्रहण किया हूं। मेरी जानकारी में जौैनपुर में किसी रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी के निर्माण के लिए एनएचएआई की तरफ से कोई प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया है। शहर में अगर आरओबी की आवश्यकता होगी तो प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। -आरएस यादव, परियोजना निदेशक एनएचएआई, वाराणसी।
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मड़ियाहूं रोड पर सिटी स्टेशन के निकट रेलवे क्रॉसिंग पर वर्ष 2012 में आरओबी के लिए मंजूरी मिली थी। परियोजना की मंजूरी के बाद निर्माण शुरू होने में ही दो साल गुजर गए। कभी बजट की कमी तो कभी कोर्ट का स्थगन आदेश, कभी ठेकेदारों की मनमानी तो कभी वन विभाग का अड़ंगा जैसी तमाम अड़चनों को पार करते हुए तकरीबन आठ साल बाद यह आरओबी चालू होने के लिए तैयार है। इस परियोजना की मंजूरी के वक्त जाम से निजात दिलाने की जो मंशा थी, वह अब निर्माण के बाद भी पूरी होते नहीं दिख रही है। आरओबी के निर्माण शुरू होने के बाद गुजरे आठ वर्षों में शहर में यातायात का दबाव बढ़ा है। आजमगढ़ से जौनपुर होते हुए प्रयागराज जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण का काम भी काफी हद तक हो चुका है। वाराणसी से लखनऊ जाने वाले वाहन भी पॉलीटेक्निक चौराहा से ही गुजर रहे हैं। ऐसे में जगदीशपुर और नईगंज रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लंबा जाम लग जाता है। अब मड़ियाहूं होते हुए मिर्जापुर जाने वाले वाहन नए आरओबी से गुजरेंगे तो पॉलीटेक्निक चौराहे पर वाहनों का दबाव बेतहाशा बढ़ेगा। चारों तरफ से वाहन यहां पहुंचने से जाम की समस्या बढ़ना तय है, फिर भी जिम्मेदार इस मसले पर मौन साधे हुए हैं।
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इन रेलवे क्रॉसिंग पर है आरओबी की दरकार
जौनपुर। आजमगढ़-जौनपुर-प्रयागराज मार्ग पर शहर में सिपाह रेलवे क्रॉसिंग और जौनपुर-सुल्तानपुर रेल लाइन पर सीहीपुर के पास आरओबी निर्माण की जरूरत है। इसके अलावा वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर शहर में जगदीशपुर रेलवे क्रॉसिंग पर भी लंबे समय से आरओबी के निर्माण की मांग चल रही है। वाराणसी-सुल्तानपुर और वाराणसी-फैजाबाद दोनों रेल खंडों पर ट्रेनों की अधिक संख्या होने के कारण हर 20 से 25 मिनट बाद रेलवे क्रासिंग बंद करनी होती है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होते ही पूरे शहर को जाम से जूझना पड़ता है।
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यह थी योजना
सिटी रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी की मंजूरी के बाद अन्य तीनों क्रॉसिंग के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया था। मंशा थी कि समय से प्रस्ताव स्वीकृत हो जाए तो एक-एक कर तीनों क्रॉसिंग निर्मित हो जाएंगे। जिससे शहर की बड़ी समस्या हल हो जाएगी। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और प्रशासन स्तर पर ठोस पैरवी के अभाव में तीनों प्रस्ताव धरे ही रह गए। इस क्रॉसिंग पर आरओबी को बनने में भी लंबा वक्त लग गया।
सिटी स्टेशन के पास आरओबी का निर्माण इसी महीने में पूरा हो जाएगा। सिपाह और सीहीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन अब यह सड़क एनएचएआई की हो गई है। इस नाते आरओबी के लिए सेतु निगम की ओर से पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव का कोई मतलब नहीं है। -जेपी गुप्ता, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।
अभी एक सप्ताह पहले ही कार्यभार ग्रहण किया हूं। मेरी जानकारी में जौैनपुर में किसी रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी के निर्माण के लिए एनएचएआई की तरफ से कोई प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया है। शहर में अगर आरओबी की आवश्यकता होगी तो प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। -आरएस यादव, परियोजना निदेशक एनएचएआई, वाराणसी।