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Jaunpur News: इसरो कर रहा बड़ा शोध, विश्व को मिलेगा लाभ

Tue, 07 Oct 2025 12:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:13 AM IST
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ISRO is doing major research, the world will benefit
दीक्षांत समारोह में बोलती  राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। संवाद
जौनपुर। पूर्वांचल विश्व विद्यालय के दीक्षांत में अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को इसरो के शोध कार्य की न सिर्फ प्रशंसा की, बल्कि यह भी बताया कि इसरो में बड़ा शोध कार्य हो रहा है, जिसे वह देखने भी गई थीं। इसका लाभ जल्द ही भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को मिलने वाला है। इस समय समुद्र की गहराई में भी कई मशीनें लगाई गई हैं।
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उन्होंने कहा कि आज से ही पढ़ने, सोचने और रिसर्च करना हमारी आदत में नहीं है। लेकिन, आज से ही इसके बारे में सोचना होगा। इसी साल यूपी-बिहार में बारिश में 85 लोगों की बिजली से मौत हो गई। उत्तराखंड, हिमांचल की भी यही स्थिति हुई। वहीं, सुनामी आने पर जापान जैसे देश में नुकसान नहीं हो पाता है, क्योंकि वहां के पर्यावरण के हिसाब से घर बनाए जाते हैं। राज्यपाल ने वर्ष 2021 में गुजरात में आए भूकंप का भी जिक्र किया। कहा इस त्रासदी में 20 हजार लोग मारे गए थे। कहा कि आज इस पर रिसर्च चल रहा है। बेटियों के भी हौसले देखते बन रहे हैं, जो प्राकृतिक आपदाओं, पहाड़ों के खिसकने और बिजली से जनहानि जैसी घटनाओं पर भी देश के वैज्ञानिक गंभीर शोध कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वह अनुसंधान की संस्कृति को पुनर्जीवित करें। सरकार के पास अनुसंधान के लिए पर्याप्त फंड है, लेकिन विश्वविद्यालयों से गुणवत्ता पूर्ण प्रोजेक्ट प्रस्ताव नहीं पहुंच रहे हैं।
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अभी एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया था कि किसी विश्वविद्यालय ने इसके लिए बजट की मांग ही नहीं की। बीते दिनों राजभवन में हुई बैठक से सामने आई बातों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी अधिकारी 15 साल पुरानी नीतियों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने इसरो के शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों के परिणाम भारत को नए वैज्ञानिक युग में प्रवेश कराने वाले होंगे। पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले अब राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी के वाहक बन चुके हैं। उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक व नीतिगत बदलावों की तैयारी अभी से करनी चाहिए। विश्वविद्यालय और छात्र नए स्थानों पर शोध करें।
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पांडुलिपियों पर भी होगा शोध
राज्यपाल ने दीक्षांत में कहा कि पीएचडी कर चुके लोगों को पांडुलिपियों (पुराने शोध) को भी देखना चाहिए। एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों हैं, जो कमरे मेें बंद रहीं। भारत सरकार ने संत से लेकर वैज्ञानिकों के इन पांडुलिपियों का समागम एक माह पहले दिल्ली में कराया। अब इन पांडुलिपियों को डिजिलाइट किया जाएगा और इनका रिसर्च होगा कि ये जन कल्याण के लिए हैं या नहीं। उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय में पांडुलिपि का भी जिक्र किया। कहा 6 साल पहले वह इन पांडुलिपियों को देखकर काफी निराशा हुई। पीएम से कहा तो आज वह ठीक स्थिति में हो गई हैं। उन्होंने पांडुलिपियों को स्थानीय भाषा में उपयोग में लाने की भी अपील की।
उम्र के हिसाब से ज्ञान देना जरूरी
जौनपुर। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को सही दिशा में चलना होगा। चरित्र निर्माण पर राज्यपाल ने कहा कि जिस उम्र में ज्ञान देना चाहिए, नहीं दे रहे हैं। यही वजह है 15 साल की बेटी प्रेगनेंट हो रही हैं। यह कितनी अशिक्षा व दुख की बात है।

ताइवान के साथ नौ को होगा एमओयू
जौनपुर। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए नौ अक्तूबर को ताइवान के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) होगा। इससे दोनों देशों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पहल की जाएगी। सेमिनार के साथ शोध को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस समझौते से दोनों देश के छात्रों को लाभ मिलेगा।
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