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जिला कारागार में बंदी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो जौनपुर।
Updated Sun, 10 Jan 2016 11:59 PM IST
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जिला कारागार में बंद एक कैदी की शनिवार की रात मौत हो गई। मृतक के परिवारीजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन लापरवाही से उसकी मौत हुई है। जेल प्रशासन अगर लापरवाही न बरतता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से बंदी की मौत हुई है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उधर घटना के बाद मृत बंदी के गांव में तनाव व्याप्त है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
महराजगंज थाना क्षेत्र के भोगीपुर कटार गांव निवासी शैलेंद्र सिंह(38) पुत्र पुलेंद्र सिंह प्राण घातक हमले के आरोप में जिला एक अक्तूबर 2015 से जिला कारागार में बंद था। महाराजगंज पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। उस पर पट्टीदारी विवाद में गोली चलाकर गोपाल सिंह को घायल करने का आरोप था।
जेल सूत्रों के मुताबिक शनिवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे शैलेंद्र केे सीने में अचानक तेज दर्द उठा। उसकी शिकायत पर जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई उपेंद्र सिंह और सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन यदि तत्परता दिखाई होती तो शैलेंद्र की जान बच सकती थी। उन्होंने इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग और उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है। उधर शैलेंद्र की मौत की खबर मिलते ही भोगीपुर कटार गांव में तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। महराजगंज के थानाध्यक्ष ओंकार सिंह का कहना है कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
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महराजगंज थाना क्षेत्र के भोगीपुर कटार गांव निवासी शैलेंद्र सिंह(38) पुत्र पुलेंद्र सिंह प्राण घातक हमले के आरोप में जिला एक अक्तूबर 2015 से जिला कारागार में बंद था। महाराजगंज पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। उस पर पट्टीदारी विवाद में गोली चलाकर गोपाल सिंह को घायल करने का आरोप था।
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जेल सूत्रों के मुताबिक शनिवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे शैलेंद्र केे सीने में अचानक तेज दर्द उठा। उसकी शिकायत पर जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई उपेंद्र सिंह और सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन यदि तत्परता दिखाई होती तो शैलेंद्र की जान बच सकती थी। उन्होंने इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग और उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है। उधर शैलेंद्र की मौत की खबर मिलते ही भोगीपुर कटार गांव में तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। महराजगंज के थानाध्यक्ष ओंकार सिंह का कहना है कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
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