जौनपुर में आयकर विभाग का छापा: कीर्ति कुंज ज्वेलर्स समेत दो शोरूम पर टीम कर रही जांच, व्यापारियों में हड़कंप
जौनपुर शहर के दो प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम गहना कोठी और कीर्ति कुंज के ठिकानों पर सोमवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
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आयकर विभाग की गोरखपुर और वाराणसी की टीमों ने सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे जौनपुर शहर के ज्वेलरी शोरूम गहना कोठी और कीर्ति कुंज के शोरूम और इनके मालिकों के घरों पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने जमीन से जुड़े अभिलेख, कंप्यूटर खंगाले और बैंक अकाउंट तथा परिवार से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी हासिल की।
कीर्ति कुंज प्रतिष्ठान के मालिक के दो बेटों को टीम गाड़ी में बैठाकर ले गई। रात तक कार्रवाई चल रही थी। आयकर सहायक निदेशक (जांच) गोरखपुर और वाराणसी के अलावा 15 से अधिक गाड़ियों से अधिकारी, कर्मचारी व सुरक्षाकर्मी सुबह साढ़े पांच बजे शहर कोतवाली क्षेत्र में कीर्ति कुंज और गहना कोठी के मालिकों के शोरूम और घर पर पहुंचे।
चहारसू स्थिति कीर्ति कुंज के मालिक के घर का दरवाजा आधे घंटे बाद खोला गया। इसके बाद टीम अंदर जाकर जांच-पड़ताल में जुट गई। उधर रासमंडल स्थित गहना कोठी के मालिक के घर, कोतवाली चौराहे स्थित शोरूम और नखास स्थित शोरूम में टीम ने छापा मारा।
टीम के अधिकारी शोरूम बाहर से बंद कर अंदर पूछताछ कर रहे हैं। कीर्ति कुंज प्रतिष्ठान के मालिक नन्हे लाल वर्मा के दो बेटों को टीम गाड़ी में बैठाकर ले गई। अधिकारियों ने कार्रवाई के बारे में कुछ बताने से इनकार करते हुए कहा कि जांच चल रही है।
देर से खुलीं दुकानें
सुबह-सुबह अधिकारियों की गाड़ियां देखकर दुकानदारों में अफरातफरी मच गई। हर कोई टीम को लेकर कयास लगाने लगाने लगा। हालांकि कुछ देर बार साफ हो गया कि आयकर विभाग की टीम है। छापा की सूचना लगते ही अन्य सराफा व्यवसायियों ने दुकानें नहीं खोलीं। हालांकि दोपहर बाद दुकानदारों ने प्रतिष्ठान खोलने शुरू किए।
महिला कर्मचारियों को लौटाया
कार्रवाई के चलते शहर के दोनों बड़े प्रतिष्ठानों को आयकर विभाग ने बंद करवा दिया था। महिला कर्मचारियों के आने पर लौटा दिया गया, जबकि कुछ पुरुष कर्मचारी दुकान के आसपास ही दिनभर देखे गए। टीम ने कार्रवाई के दौरान कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की।
आयकर विभाग की टीम ने कार्रवाई से जनपद की पुलिस को दूर रखा। सुरक्षा के लिए टीम वाराणसी से अपने साथ पुलिस कर्मियों को ले आई थी। हालांकि कार्रवाई लंबी चलने की उम्मीद पर आयकर विभाग की टीम के एक सदस्य ने जनपद की पुलिस से संपर्क किया। आवश्यकता पड़ने पर 40 से अधिक पुलिस कर्मियों की मांग की।