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शासन से नक्शा स्वीकृत की मिले मंजूरी तो होगा 24 करोड़ का मुनाफा
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जौनपुर। जौनपुर महायोजना 2031 की जिले स्तर पर सुनवाई के बाद गेंद अब शासन के पाले में है। इसमें विनियमित क्षेत्र में 3650 भवन स्वामियों ने झील व पार्क की जमीन पर आवासीय व व्यावसायिक भवन बना लिए हैं, जिनका नक्शा नहीं पास हो सकता। ऐसे में सभी भवन स्वामियों ने नक्शा स्वीकृत कराने की मंजूरी मांगी है। विनियमित क्षेत्र कार्यालय के अनुसार, अगर नक्शा स्वीकृत करने की मंजूरी मिल गई तो जुर्माना व विकास शुल्क के जरिए करीब 24 करोड़ से अधिक के राजस्व मिलेगा। इससे नगर का विकास कराया जा सकता है। इसके लिए पूर्व में कलेक्ट्रेट में जौनपुर महायोजना के तहत एक माह तक सभी से आपत्तियां मांगी गई थी। इसके बाद अक्तूबर में इसकी सुनवाई करके शासन स्तर पर भेज दिया गया।
शहर के ग्रीन लैंड क्षेत्र में झील, पार्क, नदी के तटीय इलाकों में अतिक्रमण कर काफी संख्या में भवन बना लिए गए हैं। ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट की तरफ से पूर्व में भेजे गए नोटिस में भवन स्वामियों से पूछा गया कि जौनपुर महायोजना 2021 में पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर व्यावसायिक व आवासीय भवन का निर्माण कैसे किया गया है, क्यों न इन्हें गिरा दिया जाए?
इसके बाद प्रशासन की तरफ से इनको राहत देते हुए जौनपुर महा योजना 2031 की एक मई से 31 मई तक कलेक्ट्रेट व मास्टर प्लान कार्यालय में प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें ऐसे भवन स्वामी जिन्होंने ग्रीन लैंड, झील व पार्क की भूमि में बिना अनुमति के भवन बनाया है, आवेदन किया। इन लोगाें की मांग है कि ग्रीन लैंड को नए क्षेत्र में घोषित करते हुए उनके आवासीय व व्यावसायिक नक्शे को स्वीकृत किया जाए। अब जिले स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह व सात अक्तूबर को सुनवाई करने के बाद रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज दी गई है। अगर नक्शा स्वीकृत करने की अनुमति मिली तो करीब 2255 आवासीय भवनों पर 15.33 करोड रुपये व करीब 1095 व्यावसायिक भवनों पर 8.76 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इससे शहर में सुंदरीकरण, सड़क, नाली आदि मूलभूत समस्याओं का हल किया जा सकता है।
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नए पुल से वाजिदपुर तिराहे तक 250, चांदमारी और कंहईपुर देहात तक 500, बदलापुर पड़ाव से कलीचाबाद पुलिया तक 400, शिया कालेज से हम्जा चिश्ती तक 600, लाइन बाजार से खरका कालोनी तक 200, गंगापट्टी कला में 100, जगदीशपुर वाराणसी मार्ग पर 300, माधुरी चौरसिया से आदमपुर मार्ग तक 200, नई मंडी के पीछे भवानीपुर में 100, प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल से चौकिया मार्ग तक 100, नईगंज तिराहे से ईदगाह मार्ग तक 200, लखनपुर से सरफराजपुर तक 150, सीहीपुर से सैदनपुर तक 200, पचहटिया में 150, मंडी मार्ग से चितरसारी रोड तक 100, प्रेमराजपुर मार्ग पर 100 हैं।
शहरी क्षेत्र के ग्रीन बेल्ट में निषिद्ध क्षेत्र में अतिक्रमण किया गया है। यह भूमि जौनपुर महायोजना 2021 में पार्क के लिए आरक्षित थी। अब जौनपुर महायोजना 2031 में नक्शा स्वीकृत करने की मांग को शासन स्तर पर भेजा गया है। अनुमति मिलने पर विकास शुल्क व जुर्माने से 24 करोड़ प्राप्त होगा। इससे नगर में बहुत सारे विकास कार्य कराए जा सकते हैं। - मिथिलेश कुमार, जेई, मास्टर प्लान कार्यालय।
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शहर के ग्रीन लैंड क्षेत्र में झील, पार्क, नदी के तटीय इलाकों में अतिक्रमण कर काफी संख्या में भवन बना लिए गए हैं। ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट की तरफ से पूर्व में भेजे गए नोटिस में भवन स्वामियों से पूछा गया कि जौनपुर महायोजना 2021 में पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर व्यावसायिक व आवासीय भवन का निर्माण कैसे किया गया है, क्यों न इन्हें गिरा दिया जाए?
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इसके बाद प्रशासन की तरफ से इनको राहत देते हुए जौनपुर महा योजना 2031 की एक मई से 31 मई तक कलेक्ट्रेट व मास्टर प्लान कार्यालय में प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें ऐसे भवन स्वामी जिन्होंने ग्रीन लैंड, झील व पार्क की भूमि में बिना अनुमति के भवन बनाया है, आवेदन किया। इन लोगाें की मांग है कि ग्रीन लैंड को नए क्षेत्र में घोषित करते हुए उनके आवासीय व व्यावसायिक नक्शे को स्वीकृत किया जाए। अब जिले स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में छह व सात अक्तूबर को सुनवाई करने के बाद रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज दी गई है। अगर नक्शा स्वीकृत करने की अनुमति मिली तो करीब 2255 आवासीय भवनों पर 15.33 करोड रुपये व करीब 1095 व्यावसायिक भवनों पर 8.76 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इससे शहर में सुंदरीकरण, सड़क, नाली आदि मूलभूत समस्याओं का हल किया जा सकता है।
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नए पुल से वाजिदपुर तिराहे तक 250, चांदमारी और कंहईपुर देहात तक 500, बदलापुर पड़ाव से कलीचाबाद पुलिया तक 400, शिया कालेज से हम्जा चिश्ती तक 600, लाइन बाजार से खरका कालोनी तक 200, गंगापट्टी कला में 100, जगदीशपुर वाराणसी मार्ग पर 300, माधुरी चौरसिया से आदमपुर मार्ग तक 200, नई मंडी के पीछे भवानीपुर में 100, प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल से चौकिया मार्ग तक 100, नईगंज तिराहे से ईदगाह मार्ग तक 200, लखनपुर से सरफराजपुर तक 150, सीहीपुर से सैदनपुर तक 200, पचहटिया में 150, मंडी मार्ग से चितरसारी रोड तक 100, प्रेमराजपुर मार्ग पर 100 हैं।
शहरी क्षेत्र के ग्रीन बेल्ट में निषिद्ध क्षेत्र में अतिक्रमण किया गया है। यह भूमि जौनपुर महायोजना 2021 में पार्क के लिए आरक्षित थी। अब जौनपुर महायोजना 2031 में नक्शा स्वीकृत करने की मांग को शासन स्तर पर भेजा गया है। अनुमति मिलने पर विकास शुल्क व जुर्माने से 24 करोड़ प्राप्त होगा। इससे नगर में बहुत सारे विकास कार्य कराए जा सकते हैं। - मिथिलेश कुमार, जेई, मास्टर प्लान कार्यालय।