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Jaunpur News: हिंदी पत्रकारिता ने तकनीकी युग में बदले स्वरूप से बढ़ाई प्रभावशीलता

Sat, 31 May 2025 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 31 May 2025 12:12 AM IST
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Hindi journalism has increased its effectiveness by changing its format in the technological era
करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता विषय पर शुक्रवार को एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देशभर से जुड़े मीडिया विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, तकनीकी प्रभाव और सामाजिक सरोकारों पर गंभीर विचार साझा किए।
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परिचर्चा में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गोविंद पांडेय ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में तकनीकी का प्रवेश होता है, तो वह क्षेत्र व्यापक बदलावों से गुजरता है। यही बदलाव हिंदी पत्रकारिता में भी देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समाचार पत्रों से शुरुआत की, फिर रेडियो और टेलीविजन के माध्यम से जन-जन तक पहुँची और आज डिजिटल मंचों के जरिये तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रख्यात शिक्षक, लेखक और पूर्व पत्रकार डॉ.धनंजय चोपड़ा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भी तकनीकी बदलावों के साथ खुद को ढालने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के इस युग में भी सरोकार, संस्कृति और भाषा की गरिमा को बनाए रखा है।
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परिचर्चा में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की पत्रकारिता विभाग की सहायक आचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दौर सिर्फ समाचार पत्रों तक सीमित नहीं है। लोग वेब पोर्टलों और मोबाइल एप से खबरें पढ़ रहे हैं। यह बदलाव हिंदी पत्रकारिता को एक नए कलेवर और व्यापक मंच प्रदान कर रहा है, जिसमें तकनीक की भूमिका निर्णायक बन गई है।



अध्यक्षता जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.मनोज मिश्र ने कहा कि डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता को तकनीकी दक्षता के साथ ही भाषा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता अब सीमित दायरे से निकलकर वैश्विक संवाद का माध्यम बन चुकी है।




इस अवसर पर जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ.चंदन सिंह, डॉ.अमित मिश्र, डॉ.सुरेंद्र यादव समेत देशभर से जुड़े प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।संचालन डॉ.दिग्विजय सिंह राठौर व आभार डॉ.सुनील कुमार ने व्यक्त किया।
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