जौनपुरः गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर, केराकत और डोभी के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति
केराकत और डोभी इलाकों में अब स्थिति बाढ़ जैसी बन गई है। वहां गोमती नदी के किनारे निचले इलाकों में बसे लोगों के घरों में भी पानी घुसने लगा है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्थिति का जायजा लिया।
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जौनपुर शहर के मध्य से गुजरी आदि गंगा गोमती नदी का जलस्तर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। रोज एक फीट के हिसाब से बढ़ रहे जल स्तर के कारण गोमतेश्वर नाथ मंदिर में कमर के ऊपर तक पानी पहुंच गया है। वहीं, मंदिर के आगे बने घाट की सीढ़ियां पर भी पानी लग गया है। यही स्थिति बजरंग घाट की भी है। इधर, वहीं, केराकत और डोभी इलाकों में अब स्थिति बाढ़ जैसी बन गई है।
वहां गोमती नदी के किनारे निचले इलाकों में बसे लोगों के घरों में भी पानी घुसने लगा है। जिसके कारण लोग अब पलायन करने लगे हैं। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल स्तर पर नजर रखी जा रही है।
इस संबंध में अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। गोमती के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से 8.05 करोड़ की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत हो रहे विकास का कार्य अब पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। निर्माण कार्य में लगाए गए बांस-बल्ली भी पानी में डूब गए हैं।
घरों में घुसा पानी, मंदिर में पनाह ले रहे लोग
गोमती नदी का पानी तटीय इलाकों में घुसने लगा है। कई रिहायशी मकानों व मड़हे में पानी घुसने से लोग सुरक्षित छांव तलाशने लगे हैं। कुछ तो मंदिरों पर पनाह लिए हुए हैं। सबसे ज्यादा स्थिति चंदवक घाट पर बसे गोस्वामी व मल्लाह बस्ती प्रभावित हुई है। गोमती चंदवक घाट पर स्थित गोमती का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। केराकत में बरमलपुर के पास स्थित डा. अमरसेन का मकान व अर्जुन यादव का गत्ता फैक्ट्री के चारों तरफ पानी गिर गया है।
इससे विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी गांव के गोमती पुल से बरमलपुर जाने वाले मार्ग के पानी में डूबने से बरमलपुर के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। डोभी इलाके में जलस्तर बढ़ने से गोमती नदी के किनारे के गांव बरमल पुर ,चंदवक घाट, चवरवर आदि निचले इलाकों में गांव की आबादी तक बाढ़ का पानी आ गया है, जिससे चंदवक घाट के मल्लाह बस्ती में दो तीन मकानों में पानी घुस गया है।