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जौनपुरः स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के सिपाही रह चुके बनारसी राम का निधन
Tue, 13 Apr 2021 11:03 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 13 Apr 2021 11:03 PM IST
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स्वतंत्रता सेनानी बनारसी राम।
- फोटो : अमर उजाला
जंगे आजादी में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले एक और सेनानी ने मंगलवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। जौनपुर के धर्मापुर ब्लॉक के किरतापुर गांव निवासी बनारसी राम का 90 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। शहर के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा। किरतापुर गांव निवासी बनारसी राम आजाद हिंद फौज के सेनानी थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोष के नेतृत्व में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया था। वह काफी समय से अस्वस्थ थे। सोमवार की रात छत से गिरने के कारण वह चोटिल हो गए थे।
परिजनों ने शहर के अहियापुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार की देर शाम उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो गया था। परिवार में दो पुत्र सुभाष, संतोष और एक बेटी बेचना देवी हैं। तीनों की शादी हो चुकी है।
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निधन की खबर मिलते ही शोक जताने के लिए लोग उनके आवास पर जुट गए। पुत्र सुभाष ने बताया कि बुधवार को रामघाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि जिले में दो स्वतंत्रता सेनानी ही जीवित थे। बनारसी राम के निधन के बाद अब सिर्फ एक सेनानी ही जीवित रह गए हैं।
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बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा। किरतापुर गांव निवासी बनारसी राम आजाद हिंद फौज के सेनानी थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोष के नेतृत्व में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया था। वह काफी समय से अस्वस्थ थे। सोमवार की रात छत से गिरने के कारण वह चोटिल हो गए थे।
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परिजनों ने शहर के अहियापुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार की देर शाम उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो गया था। परिवार में दो पुत्र सुभाष, संतोष और एक बेटी बेचना देवी हैं। तीनों की शादी हो चुकी है।
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निधन की खबर मिलते ही शोक जताने के लिए लोग उनके आवास पर जुट गए। पुत्र सुभाष ने बताया कि बुधवार को रामघाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि जिले में दो स्वतंत्रता सेनानी ही जीवित थे। बनारसी राम के निधन के बाद अब सिर्फ एक सेनानी ही जीवित रह गए हैं।