जौनपुर: गोशाला में ठीक से चारा न मिलने से चार गायों की मौत, कई की हालत नाजुक
मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के परसथ गांव स्थित नवनिर्मित गौशाला में चार गायों की मौत हुई है। वहीं कई की हालत नाजुक है।
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जौनपुर जिले की मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के परसथ गांव स्थित नवनिर्मित गौशाला में अव्यवस्था के बीच चार गायों के मरने की खबर है। चर्चा है कि इन गायों की मौत चारा न मिलने से हुई है, जबकि कई गायों की हालत नाजुक है। हालांकि प्रशासन मौत का कारण बीमारी बता रहा है। गौशाला में 137 गाय हैं।
इनमें अधिकांश कमजोर हैं। इनके रहने के लिए एक स्थान पर टीनशेड लगा हुआ है, जिसमें लगभग 50 गाय ही रह सकती हैं, बाकी गायों को खुले आसमान के नीचे ही रहना पडता है। इधर तीन-चार दिनों की बरसात से गोशाला में कीचड़ इस कदर हो गया है कि गायों का बैठना मुश्किल हो गया है। दर्जनों गाय बीमारियों से ग्रसित हैं, जो मरणासन्न हालत है।
अव्यवस्था को लेकर आस-पास के ग्रामीणों में रोष है। गौशाला की देख-रेख कर रहे रामफेर गौतम और सकंठा प्रसाद का कहना है कि पिछले 15 दिनों से भूसा नहीं है। थोड़ा बहुत चुनी, चोकर व पुआल पड़ा हुआ है, जिससे किसी तरह काम चलाया जा रहा है। वहीं, गौशाला में चार गायों की मरने की खबर विश्व हिंदू बजरंग दल के मड़ियाहूं प्रखंड अध्यक्ष दीपक ओझा, संयोजक शिवेंद्र पाठक, गौशाला प्रमुख आकाश सिंह, अनिल दुबे आदि ने उप जिलाधिकारी मंगलेश दुबे से इसकी शिकायत की।
इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। तहसीलदार सुदर्शन राम, खंड विकास अधिकारी राजीव कुमार, एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार श्रीवास्तव आदि मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीन लगवाकर गौशाले के कीचड़ हटाने की आनन-फानन व्यवस्था की। साथ ही मरी हुई गायों को भी हटवाया। वहीं, डॉक्टर को बुलाकर अन्य गायों का ईलाज शुरू कराया गया। हालांकि इस संबंध में तहसीलदार सुदर्शन राम ने बताया कि गौशाला में दो गाय मरी हैं, जो बीमार थीं। सभी गायों का इलाज कराया जा रहा है।