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Jaunpur News: पूर्व जिला युवा कल्याण अधिकारी का शव मिला, हत्या की आशंका
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जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र स्थित वाजिदपुर तिराहे के पास रविवार की सुबह रिटायर्ड जिला युवा कल्याण अधिकारी रामकृपाल यादव (64) का शव कूड़े के ढेर में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर हत्या की आशंका जताई है। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। सीओ सिटी देवेश सिंह ने बताया कि इस मामले में एक महिला और उसके दो बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रामकृपाल का पकड़ी गई महिला से पहले संबंध था। पुलिस के अनुसार रामकृपाल यादव मूल रूप से खुटहन थाना क्षेत्र के मैरवां गांव के रहने वाले थे। वे वर्तमान में पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित सुंदरनगर कॉलोनी में रह रहे थे। घटना के बाद रविवार को पुलिस ने वर्तमान निवास के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाला। सीओ सिटी देवेश सिंह ने बताया कि फुटेज में एक महिला और एक युवक घर में जाते दिखे। अंदर जाने के कुछ देर बाद ही दोनों इन्हें स्कूटी पर लाद कर ले जाते भी दिख रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का पता चलेगा। फुटेज में दिख रहे दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर मुकदमा लिखा जाएगा।
बेटे के साथ स्कूटी से निकले थे रामकृपाल-पुलिस के अनुसार मृतक के साले अनिल यादव ने बताया कि उसके जीजा मृतक रामकृपाल अपने बेटे के साथ शनिवार की दोपहर स्कूटी से कहीं गए थे। दोपहर करीब 1.30 वाजिदपुर तिराहा पहुंचे । वहीं बेटे को रुकने को कह कर खुद पास की एक कॉलोनी में चले गए। आधे घंटे तक न लौटने पर जब बेटे ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। बेटे ने तत्काल इसकी सूचना अपने मामा को दी थी।
रामकृपाल की गांव में किसी से नहीं थी रंजिश-खुटहन। गभिरन मैरवां गांव निवासी व अवकाश प्राप्त युवा कल्याण अधिकारी रामकृपाल यादव (64) का शव जिले के वाजिदपुर तिराहे के पास पाये जाने की खबर से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं पूरे गांव के लोग हतप्रभ हैं। वह सरल और मिलनसार स्वभाव के थे। परिजनों का कहना है कि उनकी गांव में किसी से कोई पुरानी रंजिश भी नहीं है। घटना के पीछे का क्या कारण है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। गांव निवासी व खानदान के ही रिश्ते में उनके चचेरे भाई राय साहब यादव ने बताया कि शनिवार को करीब 11 बजे वह रामकृपाल के घर उनके साथ खाना खाया था। उसके बाद हम अपने घर चले गए। करीब दो घंटे बाद जब फिर से राय साहब उनसे मिलने गए तो पता चला कि वे अपनी स्कूटी से कहीं चले गए। सुबह उनकी संदिग्ध मौत होने की सूचना मिलते ही लोग एक बार तो विश्वास ही नहीं कर सके। मौत की पुष्टि होने के बाद सभी की आंखें नम हो गईं।
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संपन्न माना जाता है परिवार, अध्यापक हैं पत्नी, दो बेटे और बहुएं-आर्थिक दृष्टि से भी मृतक रामकृपाल यादव का परिवार संपन्न माना जाता है। वह खुद युवा कल्याण विभाग से करीब चार वर्ष पूर्व कार्यमुक्त हुए थे। इनकी पत्नी विद्या देवी परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर हैं। बड़ा पुत्र मनीष यादव घर पर रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। दूसरे नंबर के अवनीश इंटर काॅलेज में व इनकी पत्नी सरिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। तीसरे पुत्र सौरभ यादव और इनकी पत्नी दोनों प्राइमरी में शिक्षक हैं। घर पर मृतक की पत्नी विद्या देवी व बड़ा पुत्र व बहू रहते हैं। तीसरे पुत्र सौरभ जौनपुर शहर में बने आवास में रह रहे हैं। रामकृपाल कभी गांव तो कभी शहर के आवास पर निवास करते थे।
शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम :-खुटहन। गभिरन मैरवां गांव निवासी रिटायर्ड युवा कल्याण अधिकारी रामकृपाल का जौनपुर शहर में संदिग्ध हाल में मिले शव को पोस्टमार्टम के बाद जब शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी विद्या देवी, पुत्र, बहुएं और नाती-पोतों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की हालत देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें छलक पड़ी। शव का अंतिम संस्कार सुतौली घाट पर कर दिया गया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र मनीष यादव ने दी।
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बेटे के साथ स्कूटी से निकले थे रामकृपाल-पुलिस के अनुसार मृतक के साले अनिल यादव ने बताया कि उसके जीजा मृतक रामकृपाल अपने बेटे के साथ शनिवार की दोपहर स्कूटी से कहीं गए थे। दोपहर करीब 1.30 वाजिदपुर तिराहा पहुंचे । वहीं बेटे को रुकने को कह कर खुद पास की एक कॉलोनी में चले गए। आधे घंटे तक न लौटने पर जब बेटे ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। बेटे ने तत्काल इसकी सूचना अपने मामा को दी थी।
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रामकृपाल की गांव में किसी से नहीं थी रंजिश-खुटहन। गभिरन मैरवां गांव निवासी व अवकाश प्राप्त युवा कल्याण अधिकारी रामकृपाल यादव (64) का शव जिले के वाजिदपुर तिराहे के पास पाये जाने की खबर से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं पूरे गांव के लोग हतप्रभ हैं। वह सरल और मिलनसार स्वभाव के थे। परिजनों का कहना है कि उनकी गांव में किसी से कोई पुरानी रंजिश भी नहीं है। घटना के पीछे का क्या कारण है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। गांव निवासी व खानदान के ही रिश्ते में उनके चचेरे भाई राय साहब यादव ने बताया कि शनिवार को करीब 11 बजे वह रामकृपाल के घर उनके साथ खाना खाया था। उसके बाद हम अपने घर चले गए। करीब दो घंटे बाद जब फिर से राय साहब उनसे मिलने गए तो पता चला कि वे अपनी स्कूटी से कहीं चले गए। सुबह उनकी संदिग्ध मौत होने की सूचना मिलते ही लोग एक बार तो विश्वास ही नहीं कर सके। मौत की पुष्टि होने के बाद सभी की आंखें नम हो गईं।
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संपन्न माना जाता है परिवार, अध्यापक हैं पत्नी, दो बेटे और बहुएं-आर्थिक दृष्टि से भी मृतक रामकृपाल यादव का परिवार संपन्न माना जाता है। वह खुद युवा कल्याण विभाग से करीब चार वर्ष पूर्व कार्यमुक्त हुए थे। इनकी पत्नी विद्या देवी परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर हैं। बड़ा पुत्र मनीष यादव घर पर रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। दूसरे नंबर के अवनीश इंटर काॅलेज में व इनकी पत्नी सरिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। तीसरे पुत्र सौरभ यादव और इनकी पत्नी दोनों प्राइमरी में शिक्षक हैं। घर पर मृतक की पत्नी विद्या देवी व बड़ा पुत्र व बहू रहते हैं। तीसरे पुत्र सौरभ जौनपुर शहर में बने आवास में रह रहे हैं। रामकृपाल कभी गांव तो कभी शहर के आवास पर निवास करते थे।
शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम :-खुटहन। गभिरन मैरवां गांव निवासी रिटायर्ड युवा कल्याण अधिकारी रामकृपाल का जौनपुर शहर में संदिग्ध हाल में मिले शव को पोस्टमार्टम के बाद जब शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी विद्या देवी, पुत्र, बहुएं और नाती-पोतों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की हालत देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें छलक पड़ी। शव का अंतिम संस्कार सुतौली घाट पर कर दिया गया। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र मनीष यादव ने दी।