पवारा। पवारा बाजार से लगे मुरादपुर गांव की मुसहर और वनवासी बस्ती में बिजली के लिए पिछले पांच से 25 परिवार के लोग परेशान हैं। इनका कहना है कि उन्हें मोबाइल चार्ज करने के लिए डेढ़ से दो किमी दूर पवारा बाजार जाना पड़ता है। जहां मोबाइल चार्ज करने के लिए दस रुपये तक देना पड़ता है। जबकि उनके घर के पास ही बिजली का खंभा और तार भी तीन माह खींचा गया है। लेकिन, आवेदन के बाद भी उन्हें कनेक्शन नहीं मिल पाया है। पवारा बाजार से लगे हुए मुरादपुर गांव की मुसहर और वनवासी बस्ती में पांच साल पहले तक बिजली की आपूर्ति होती थी। बिजली का जर्जर खंभा गिर जाने के बाद विभाग के लोग उठा लगे गए। दोबारा तीन महीने पहले ही बस्ती में नए खंभे लगाए गए और तार भी खींचा गया, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी 20-25 घरों का कनेक्शन आज तक नहीं जोड़ा जा सका है। गांव निवासी व सपा के मजदूर सभा के मुंगराबादशाहपुर विधानसभा अध्यक्ष कमलेश सरोज, आशा पत्नी राजमनी, अमरावती, जडावती, कंचन, पूजा ने बताया कि उन्हें मोबाइल चार्ज करने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर दूर पवारा बाजार जाना पड़ता है। जहां पर की-पैड वाली मोबाइल की चार्जिंग के लिए पांच रुपये और बड़े एंड्रायड मोबाइल की चार्जिंग के लिए दस रुपये दुकानदार को देना पड़ता है। एक दिन हेलमेट लगाकर एक व्यक्ति आया था और कनेक्शन देने के नाम पर उनका आधार कार्ड और उनसे सौ-सौ रुपये लेकर गया था। इसके बाद दोबार तीन माह बाद आया तो कनेक्शन देने के नाम पर 1200-1200 रुपये की मांग करने लगा। वह कह रहे थे कि बिजली तभी जोड़ेंगे, जब इतना पैसा इकट्ठा करके दे दोगे। विद्युत विभाग के एसडीओ आदित्य मारकंडे ने बताया कि मुरादपुर के मुसहर बस्ती में नया विद्युतीकरण हुआ है। वहां की बस्ती में विद्युतीकरण का कार्य ग्रिड पावर को दिया गया है। उन लोगों ने ही 100 लेकर आवेदन करवाया होगा। लाइनमैन द्वारा 1200 रुपये मांगे जाने की बात उनके संज्ञान में आज पहली बार आई है। हालांकि 1200 के लगभग खर्च आता है लेकिन उसे लाइनमैन या किसी को मांगने का कोई अधिकार नहीं है। वह सीधे ऑनलाइन जमा होता है।