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Jaunpur News: कर्ज लेकर पढ़ा रहे थे पिता, तनाव में था विवेक
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करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के छात्रावास में बृहस्पतिवार की दोपहर फार्मेसी विभाग के छात्र विवेक ने जहर खाकर जान दे दी। इसके बाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने काफी हंगामा किया था। मौके पर पहुंची सुरक्षा टीम तथा विश्वविद्यालय की कुलपति ने आश्वासन दिया था की जो भी समस्याएं हुई हैं उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। दोस्त ने बताया कि विवेक के पिता कर्ज लेकर उसे पढ़ा रहे थे। इसलिए बैक को लेकर विवेक हमेशा तनाव में था।
शुक्रवार की सुबह विश्वविद्यालय खुलने के बाद सभी संकायों के विभागों को बंद कर दिया गया। वहीं विवेक के साथी अनीष राजभर ने रोते हुए अपने दोस्त के बारे में बताया कि उसके पिता श्रवण कुमार गाजीपुर के कासिमाबाद में सिलाई की दुकान चलाकर करके अपने परिवार को पालते थे। विवेक की फीस जमा करने के लिए उन्होंने काफी कर्ज भी ले लिया था। विवेक हमेशा कर्ज की चर्चा करता रहता था। परीक्षा में लग रहे बैक के कारण वह चिंतित था। उसका कहना था कि यदि वह फेल हो जाएगा तो उसे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
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डीएम के आदेश पर रात में विवेक का हुआ पोस्टमार्टम
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विद्यालय के फार्मेसी के छात्र विवेक कुमार की मौत के बाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों के हंगामे के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने डीएम अनुज कुमार झा से बात की। गाजीपुर से आए परिवार के लोगों ने भी जिलाधिकारी से गुहार लगाई जिसके बाद उन्होंने पोस्टमोटर्म का आदेश दिया। रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया।
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छात्र के निधन पर विश्वविद्यालय में हुई शोक सभा
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के विद्यार्थी विवेक कुमार के निधन पर शुक्रवार को शोक सभा की गई। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उपकुलसचिव अमृतलाल ने विश्वविद्यालय शोक संदेश पढ़ा। दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी उमाशंकर, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. अमित कुमार वत्स, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंद किशोर सिंह, महामंत्री रमेश कुमार यादव, राजेश सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। वहीं शोक सभा के बाद सभी विभागों को बंद कर दिया गया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में भी कर्मचारी व शिक्षकों, कुलसचिव ने शोक सभा की। इसके बाद प्रशासनिक भवन को भी बंद कर दिया गया।
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शुक्रवार की सुबह विश्वविद्यालय खुलने के बाद सभी संकायों के विभागों को बंद कर दिया गया। वहीं विवेक के साथी अनीष राजभर ने रोते हुए अपने दोस्त के बारे में बताया कि उसके पिता श्रवण कुमार गाजीपुर के कासिमाबाद में सिलाई की दुकान चलाकर करके अपने परिवार को पालते थे। विवेक की फीस जमा करने के लिए उन्होंने काफी कर्ज भी ले लिया था। विवेक हमेशा कर्ज की चर्चा करता रहता था। परीक्षा में लग रहे बैक के कारण वह चिंतित था। उसका कहना था कि यदि वह फेल हो जाएगा तो उसे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
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डीएम के आदेश पर रात में विवेक का हुआ पोस्टमार्टम
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विद्यालय के फार्मेसी के छात्र विवेक कुमार की मौत के बाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों के हंगामे के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने डीएम अनुज कुमार झा से बात की। गाजीपुर से आए परिवार के लोगों ने भी जिलाधिकारी से गुहार लगाई जिसके बाद उन्होंने पोस्टमोटर्म का आदेश दिया। रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया।
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छात्र के निधन पर विश्वविद्यालय में हुई शोक सभा
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के विद्यार्थी विवेक कुमार के निधन पर शुक्रवार को शोक सभा की गई। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उपकुलसचिव अमृतलाल ने विश्वविद्यालय शोक संदेश पढ़ा। दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी उमाशंकर, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. अमित कुमार वत्स, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंद किशोर सिंह, महामंत्री रमेश कुमार यादव, राजेश सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। वहीं शोक सभा के बाद सभी विभागों को बंद कर दिया गया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में भी कर्मचारी व शिक्षकों, कुलसचिव ने शोक सभा की। इसके बाद प्रशासनिक भवन को भी बंद कर दिया गया।