केराकत। तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सैकड़ों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने बिजली निजीकरण, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता व फर्जी बिलिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव करते हुए राज्यपाल के नाम 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त की जाए। घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त अधिभार और बकाया वसूली तुरंत रोकी जाए। गरीब और किसानों के लिए बिजली बिल माफ किया जाए। बिजली बिलिंग में पारदर्शिता लाई जाए और मनमाने व फर्जी बिल खत्म किए जाएं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बचाऊ राम ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुधार के नाम पर बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने बिजली विभाग पर फर्जी बिलिंग का भी आरोप लगाया, जिसमें मीटर रीडिंग से अधिक राशि वाले बिल भेजे जा रहे हैं। किसान मोर्चा ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन उग्र करेंगे। किसानों ने एसडीएम सुनील कुमार भारती को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इस मौके पर कैलाश राम, राजदेव राम, नमःनाथ शर्मा, सुरजन यादव, विजय कुमार मौर्य, अखिलेश कुमार पाल आदि उपस्थित रहे। कोतवाल अवनीश कुमार राय पुलिस बल के साथ तैनात रहे। संवाद