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घरों में गूंजी या हुसैन की सदाएं, नहीं निकला ताजिए का जुलूस

Sun, 30 Aug 2020 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 11:24 PM IST
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Emeralds or Hussains are always in homes, the procession of Taje did not come out
सदर इमाम बाड़े के बाहर पसरा सन्नाटा। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। दसवीं मुहर्रम पर शिया मुसलमानों की बस्तियों में हर घर से या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। कहीं भी ताजिए और अलम का जुलूस नहीं निकला गया। इमामबाड़ों पर पुलिस और पीएसी का पहरा रहा। शहर में सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सिटी पुलिस बल के साथ चक्रमण करते रहे। घरों में रखे ताजिए कोरोना के बाद दफ्न किए जाएंगे। प्रशासन की गाइड लाइन और धर्म गुरु मौलाना अयातुल्लाह सिस्तानी के आदेश पर अमल करते हुए शिया समुदाय के लोगों ने घरों में ही कर्बला के शहीदों को नजराने अकीदत पेश की।
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सदर इमामबाड़े में अजादार नहीं पहुंचे। परिसर में पुलिस और पीएसी के अलावा कोई नजर नहीं आया। कोविड-19 से पहले यहां शहर के बलुआघाट, कटघरा, पानदरीबा, पुरानी बाजार, प्यारेपुर, करंजाकला समेत दस किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांव और मोहल्लों से ताजिए का जुलूस आता था। हजारों की भीड़ में लोग नौहा मातम करते थे। इस मौके पर निकलने वाले जुल्जनाह की जियारत के लिए भी दूर दूर से लोग आते थे लेकिन इस साल कोरोना के खतरे को देखते हुए जुलूस और ताजिएदारी पर पाबंदी लगने से लोगों ने घरों में ही कर्बला के शहीदों की याद में मजलिस मातम किया। गमगीन माहौल में या हुसैन या हुसैन की सदाओं के बीच कर्बला के शहीद को नजराने अकीदत पेश की गई। यौमे आशुरा की नमाज अदा की गई। कोरोना महामारी के खात्मे के लिए दुआ की गई। शिया मुसलमानों ने सूरज डूबने के वक्त फाका सिकनी किया। कोरोना महामारी के चलते जुलूस व ताजिया नहीं नहीं निकलने की मायूसी अजादारों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। कई मोहल्लों में मजलिस शामे गरीबां ऑनलाइन आयोजित हुई। बक्शा के दक्षिणपट्टी रन्नो, उत्तरपट्टी, सदरुद्दीनपुर, मोहम्मदपुर बर्रेपट्टी आदि गांवों में भी लोगों ने घरों में ही मजलिस मातम किया। सदर इमाम बाड़े पर पुलिस फोर्स तैनात रही। केराकत में खिचड़ा बनवाकर नियाज फातेहा के बाद तबर्रुक बांटा गया। सुन्नी मुसलमानों ने भी अपने घरों पर नियाज फातेहा पढ़ा। मड़ियाहूं में मोहर्रम के मद्देनजर कोतवाल पवन उपाध्याय ने भारी पुलिस बल व एक कंपनी पीएसी के साथ नगर के सभी गली मोहल्लों में पैदल मार्च किया।
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