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ईडी की लगातार 12 घंटे चली कार्रवाई, टीम साथ ले गई दस्तावेज
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भाजपा नेता और शराब कारोबारी ओम प्रकाश जायसवाल के भाई प्रदीप जायसवाल की शराब की बिक्री की धनराशि जमा करने वाले सेंटर पर बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापे की कार्रवाई कर 12 घंटे तक लगातार छानबीन की। इस दौरान हर कोई जांच से जुड़ी जानकारी लेने के लिए परेशान दिखा। भाजपा नेता ओम प्रकाश खुद जांच अधिकारियों के बारे में जानकारी लेने के लिए लखनऊ तक संपर्क साधने में जुटे रहे।
सुबह दो गाड़ियों में ईडी की टीम छापे की कार्रवाई के लिए पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लाइन बाजार थाने से एक दारोगा और कुछ पुरुष व महिला सिपाहियों को साथ लिया। सुबह से ही बंद कमरे में जांच में जुटे रहे। दोपहर में कुछ ताले भी तोड़े। मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर ईडी के अधिकारी बाहर आ गए और उन्हें गेट के बाहर करवा दिया। यह स्थिति रात आठ बजे तक चलती रही। आबकारी विभाग के अधिकारी भी पूरे मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। खुद ओम प्रकाश जांच करने पहुंचे अधिकारियों को लेकर परेशान थे। वह इस बात का पता लगाने में जुटे थे कि न तो उन्हें कोई सर्च वारंट मिला है और न ही कोई नोटिस, इसके बाद भी टीम यहां क्यों कार्रवाई कर ही है। उन्होंने इसकी जानकारी के लिए डीएम-एसपी से लेकर लखनऊ तक के अधिकारियों व मंत्री से संपर्क साधा। हालांकि, देर शाम कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें पता चला कि जांच करने वाले ईडी के अधिकारी थे। उन्होंने कहा कि मुझे परेशान और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सहारनपुर प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस बीच, ईडी के अधिकारियों ने भी कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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सुबह दो गाड़ियों में ईडी की टीम छापे की कार्रवाई के लिए पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लाइन बाजार थाने से एक दारोगा और कुछ पुरुष व महिला सिपाहियों को साथ लिया। सुबह से ही बंद कमरे में जांच में जुटे रहे। दोपहर में कुछ ताले भी तोड़े। मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर ईडी के अधिकारी बाहर आ गए और उन्हें गेट के बाहर करवा दिया। यह स्थिति रात आठ बजे तक चलती रही। आबकारी विभाग के अधिकारी भी पूरे मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। खुद ओम प्रकाश जांच करने पहुंचे अधिकारियों को लेकर परेशान थे। वह इस बात का पता लगाने में जुटे थे कि न तो उन्हें कोई सर्च वारंट मिला है और न ही कोई नोटिस, इसके बाद भी टीम यहां क्यों कार्रवाई कर ही है। उन्होंने इसकी जानकारी के लिए डीएम-एसपी से लेकर लखनऊ तक के अधिकारियों व मंत्री से संपर्क साधा। हालांकि, देर शाम कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें पता चला कि जांच करने वाले ईडी के अधिकारी थे। उन्होंने कहा कि मुझे परेशान और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सहारनपुर प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस बीच, ईडी के अधिकारियों ने भी कार्रवाई के बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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