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पिता के न आ पाने के कारण 38 घंटे मर्चरी में पड़ा रहा बंदी का शव
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जौनपुर। पिता के न आ पाने के कारण बृहस्पतिवार को मृत बंदी का शव जिला चिकित्सालय स्थित मर्चरी में 38 घंटे तक पड़ा रहा। हालांकि पवारा थानाध्यक्ष मनोज कुमार द्वारा दिए गए किराये के पैसे के बाद मृतक का पिता जिला मुख्यालय पहुंचा, फिर जाकर पंचनामा के बाद मृत बंदी के शव का पोस्टमार्टम हुआ।
पंवारा थाना क्षेत्र के चेतरिया गांव निवासी मुकेश वनवासी (37) पुत्र सहदेव 7 जून 2018 से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। वह पहले से ही हार्निया व हाइड्रोसील का मरीज था। लंबे समय से वह इलाज करा रहा था। तीन-चार बार उसे अस्पताल भी ले जाया गया था। बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी तबियत खराब हो गई। जिसपर जेल प्रशासन के लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने मर्चरी में रखवा दी। साथ ही जेल प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर पवारा थाने की पुलिस ने बंदी के बारे में उसके परिजनों को सूचना दी। उधर डीएम मनीष कुमार वर्मा द्वारा नामित मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शीतला पुलिस चौकी के इंचार्ज राघवेंद्र बहादुर सिंह को पंचनामा के लिए भेजा। लेकिन, शाम तक मृतक के परिवार के लोग नहीं आए। ऐसे में शव मर्चरी में पड़ा रहा। थानाध्यक्ष पवारा मनोज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी देने के साथ ही मृतक के परिजनों को किराया आदि का मदद किया गया। साथ ही उन्हें भेजा गया। वहीं, शीतला चौकियां पुलिस चौकी के इंचार्ज ने बताया कि मृत बंदी के पिता सहदेव शुक्रवार की सुबह आए, जिसके बाद उनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन रामघाट पर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिए।
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पंवारा थाना क्षेत्र के चेतरिया गांव निवासी मुकेश वनवासी (37) पुत्र सहदेव 7 जून 2018 से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। वह पहले से ही हार्निया व हाइड्रोसील का मरीज था। लंबे समय से वह इलाज करा रहा था। तीन-चार बार उसे अस्पताल भी ले जाया गया था। बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी तबियत खराब हो गई। जिसपर जेल प्रशासन के लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने मर्चरी में रखवा दी। साथ ही जेल प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर पवारा थाने की पुलिस ने बंदी के बारे में उसके परिजनों को सूचना दी। उधर डीएम मनीष कुमार वर्मा द्वारा नामित मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शीतला पुलिस चौकी के इंचार्ज राघवेंद्र बहादुर सिंह को पंचनामा के लिए भेजा। लेकिन, शाम तक मृतक के परिवार के लोग नहीं आए। ऐसे में शव मर्चरी में पड़ा रहा। थानाध्यक्ष पवारा मनोज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी देने के साथ ही मृतक के परिजनों को किराया आदि का मदद किया गया। साथ ही उन्हें भेजा गया। वहीं, शीतला चौकियां पुलिस चौकी के इंचार्ज ने बताया कि मृत बंदी के पिता सहदेव शुक्रवार की सुबह आए, जिसके बाद उनकी मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन रामघाट पर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिए।
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