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डीएम, एसपी दफ्तर घेरा
जौनपुर ब्यूराे
Updated Fri, 06 Nov 2015 12:46 AM IST
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अधिवक्ता रामसुचित यादव की हत्या के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अधिवक्ताओं ने गुरुवार को जुलूस निकाल कर जमकर हंगामा किया। कलेक्ट्रेट में घूम घूमकर जोरदार नारेबाजी की और प्रदर्शन के बाद डीएम व एसपी कार्यालय का
घेराव कर उन्हें चेतावनी दी। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर दो दिन के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा। एसपी ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिया है कि दो दिन के भीतर सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर
लिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया है।
इस दौरान जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। दीवानी परिसर का चक्रमण करते हुए अधिक्वता दीवानी
न्यायालय से जुलूस की शक्ल में सैकड़ों की संख्या में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पहले डीएम कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। पता चला कि डीएम कार्यालय नहीं आए थे। अधिवक्ता वहां से एसपी कार्यालय पहुंच गए।
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अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का गेट बाहर से बंद कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। कलेक्ट्रेट में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी लेकिन अधिवक्ताओं के आक्रोश के आगे पुलिस बेबस दिखी।
इस दौरान प्रशासन व प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। घंटे भर चली वार्ता में एसपी ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का समय मांगा। अधिवक्ताओं ने मांग किया कि रामसुचित यादव के हत्यारों को
शीघ्र गिरफ्तार करने, परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने, मुआवजा देने और आश्रितों को सरकारी नौकरी देने सहित अधिवक्ताओं पर हो रहे प्राण घातक हमलों पर पुलिस प्रशासन रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करे।
अधिवक्ताओं ने मृत अधिवक्ता के परिजनों की सुरक्षा की बात एसपी के समक्ष रखी। जिस पर एसपी ने परिजनों की सुरक्षा करने और घर पर पुलिस तैनात करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह
, मंत्री जयप्रकाश सिंह, तेज बहादुर सिंह, अवधेश सिंह, रमेशचंद्र पाल, अब्दुल सलाम आजाद, अनिल सिंह, सुबाषचंद्र यादव, शैलेश कुमार मिश्र, चंद्रप्रकाश दुबे, पंकज श्रीवास्तव, कमलेश राय, अनुराग यादव व सुरेंद्र बिंद आदि अधिवक्ता रहे।
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घेराव कर उन्हें चेतावनी दी। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर दो दिन के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा। एसपी ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिया है कि दो दिन के भीतर सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर
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लिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया है।
इस दौरान जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। दीवानी परिसर का चक्रमण करते हुए अधिक्वता दीवानी
न्यायालय से जुलूस की शक्ल में सैकड़ों की संख्या में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। पहले डीएम कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। पता चला कि डीएम कार्यालय नहीं आए थे। अधिवक्ता वहां से एसपी कार्यालय पहुंच गए।
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अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का गेट बाहर से बंद कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। कलेक्ट्रेट में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी लेकिन अधिवक्ताओं के आक्रोश के आगे पुलिस बेबस दिखी।
इस दौरान प्रशासन व प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। घंटे भर चली वार्ता में एसपी ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का समय मांगा। अधिवक्ताओं ने मांग किया कि रामसुचित यादव के हत्यारों को
शीघ्र गिरफ्तार करने, परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने, मुआवजा देने और आश्रितों को सरकारी नौकरी देने सहित अधिवक्ताओं पर हो रहे प्राण घातक हमलों पर पुलिस प्रशासन रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करे।
अधिवक्ताओं ने मृत अधिवक्ता के परिजनों की सुरक्षा की बात एसपी के समक्ष रखी। जिस पर एसपी ने परिजनों की सुरक्षा करने और घर पर पुलिस तैनात करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह
, मंत्री जयप्रकाश सिंह, तेज बहादुर सिंह, अवधेश सिंह, रमेशचंद्र पाल, अब्दुल सलाम आजाद, अनिल सिंह, सुबाषचंद्र यादव, शैलेश कुमार मिश्र, चंद्रप्रकाश दुबे, पंकज श्रीवास्तव, कमलेश राय, अनुराग यादव व सुरेंद्र बिंद आदि अधिवक्ता रहे।