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डीएम साहब, लाइसेंस के लिए दलाल ने लिए 3500 रुपये
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जौनपुर। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार को एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। लाइसेंस बनवाने आए लोगों से पूछताछ की। ऑनलाइन प्रक्रिया में कार्यालय के बाहर की दुकानों पर 350 की जगह 500 रुपये लेने की शिकायत मिली तो एक अभ्यर्थी ने लाइसेंस के बदले 3500 रुपये लेने का आरोप लगाया। भड़के डीएम ने यात्री कर अधीक्षक को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह करीब 11 बजे अचानक पहुंचे डीएम ने लाइसेंस, पंजीयन अनुभाग, पुराने वाहनों के पंजीयन व स्थानांतरण सहित अन्य कक्षों का -अवलोकन किया। लाइसेंस बनवाने वालों से बात की। लोगों ने बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया है। इसकी निर्धारित फीस 350 रुपये है, लेकिन बाहर दुकानों पर 500 रुपये लिया जा रहा है। डीएम ने आरआई अशोक कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि जिन दुकानों से ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं, उनकी जांच कर कार्रवाई करें।
रसीदाबाद विशेषरपुर के मंगल प्रजापति ने बताया कि उनसे लाइसेंस बनवाने के लिए दलाल ने 3500 रुपये लिए हैं। डीएम ने उसके बारे में जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज कराने को कहा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नियमों के तहत लगवाने का निर्देश दिया। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में कनिष्ठ सहायक तारा सिंह चौहान गैरहाजिर मिले। डीएम ने उनका एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
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डीएम के निरीक्षण के दौरान एआरटीओ कार्यालय में दलाल की सक्रियता सामने आई थी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे रसीदाबाद विशेषरपुर निवासी मंगल प्रजापति ने लाइसेंस के बदले 3500 रुपये लेने का आरोप लगाया था। उसकी शिकायत पर देर शाम लाइन बाजार थाने में बिचौलिया दिवाकर के विरुद्ध जालसाजी का केस दर्ज किया गया। एसओ योगेंद्र यादव ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
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सुबह करीब 11 बजे अचानक पहुंचे डीएम ने लाइसेंस, पंजीयन अनुभाग, पुराने वाहनों के पंजीयन व स्थानांतरण सहित अन्य कक्षों का -अवलोकन किया। लाइसेंस बनवाने वालों से बात की। लोगों ने बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया है। इसकी निर्धारित फीस 350 रुपये है, लेकिन बाहर दुकानों पर 500 रुपये लिया जा रहा है। डीएम ने आरआई अशोक कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि जिन दुकानों से ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं, उनकी जांच कर कार्रवाई करें।
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रसीदाबाद विशेषरपुर के मंगल प्रजापति ने बताया कि उनसे लाइसेंस बनवाने के लिए दलाल ने 3500 रुपये लिए हैं। डीएम ने उसके बारे में जानकारी लेकर एफआईआर दर्ज कराने को कहा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नियमों के तहत लगवाने का निर्देश दिया। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में कनिष्ठ सहायक तारा सिंह चौहान गैरहाजिर मिले। डीएम ने उनका एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
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डीएम के निरीक्षण के दौरान एआरटीओ कार्यालय में दलाल की सक्रियता सामने आई थी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे रसीदाबाद विशेषरपुर निवासी मंगल प्रजापति ने लाइसेंस के बदले 3500 रुपये लेने का आरोप लगाया था। उसकी शिकायत पर देर शाम लाइन बाजार थाने में बिचौलिया दिवाकर के विरुद्ध जालसाजी का केस दर्ज किया गया। एसओ योगेंद्र यादव ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।