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Jaunpur News: जिला अस्पताल में जर्जर विद्युत पैनल, एक्सपायर फायर इंस्टीग्यूशर

Thu, 05 Jan 2023 04:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jan 2023 04:30 AM IST
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Dilapidated electrical panel in district hospital, expire fire instigator
जौनपुर। जब कभी आगलगी की घटना होती तो अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन होटल, ढाबा, अस्पताल की जांच करना शुरू करता है। कुछ दिन तक जांच होती है, कई को नोटिस भी जारी की जाती है, लेकिन चंद दिनों के बाद ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। फिर कहीं घटना होने पर पुरानी फाइल खोली जाती है और नोटिस भेजकर इतिश्री कर ली जाती है। यहीं हाल जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा को लेकर है। 180 बेड के इस अस्पताल में करीब तीन हजार लोगों का आवागमन प्रतिदिन रहता है। बावजूद इसके अग्निसुरक्षा के इंतजाम मुकम्मल नहीं हैं। जगह-जगह जर्जर हो चुके विद्युत पैनल और एक्सपायर फायर इंस्टीग्यूशर हादसे को दावत दे रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारी अधिकारी मौन साधे पड़े हें।
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अस्पताल में काम करने वाले स्टॉफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विद्युत आपूर्ति के लिए जगह-जगह लगाए पैनल भी जर्जर हो गए हैं। पैनल में लटक रहे बिजली के तारों से कभी भी बड़ा हादशा हो सकता है। यदि अस्पताल में किसी कारण से आग लगती है तो मरीजों को बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में आग से बचाव के लिए लगाए गए अग्निशामक (फायर इंस्टीग्यूशर) खराब पड़े हैं। उनकी डेट एक्सपायर हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन उसकी रीफिलिंग नहीं करा पाया। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल प्रशासन को अभी तक इसकी भनक तक नहीं है। इलाज के लिए भर्ती मरीज भी इससे बेखबर हैं।
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12 से 15 सौ मरीजों की होती है ओपीडी
जौनपुर। जिला पुरुष अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए 180 बेड की व्यवस्था है। हर दिन ओपीडी में एक 1200 से 1500 मरीज आते हैं। इलाज के लिए पर्ची बनवाने के लिए सुबह आठ बजे से ही मरीज कतार में खड़े हो जाते हैं। दोपहर दो बजे बजे तक ओपीडी में डाक्टर मरीजों का इलाज करते हैं। इसके अलावा अस्पताल के स्टाफ भी परिसर में ही मौजूद रहते है। ऐसे में इनके सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। बुधवार को 912 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे थे।
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अभी कुछ दिन पहले ही मैने कार्यभार ग्रहण किया है। इसकी जानकारी नहीं है कि कितने फायर इंस्टीग्यूशर लगे हैं। उनकी एक्सपायरी कब हुई। इसकी जानकारी शीघ्र ही कराकर रीफिलिंग करा दी जाएगी।-
- डॉ. केके राय, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर।
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