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दीवार गिरने, सड़क हादसे में मृत पांच लोगों के शवों का हुआ अंतिम संस्कार
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जौनपुर के बरसठी के सरसरा गांव में बुधवार को हुई पांच मौतों के बाद दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। गांव के अधिकांश पुरुष सदस्य शव का पोस्टमार्टम कराने जौनपुर चले गए थे। महिलाओं और बच्चों की सिसकियां सन्नाटे को चीरती हुई सबके हृदय को बेध रही थीं। देर शाम जौनपुर के रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।
नवनिर्मित दीवार के मलबे में दबने से मृत पंकज के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी सीमा और दो मासूम बच्चे मुस्कान (3) व अंजोरा (डेढ़) हैं। बरसठी थाने में पिता के शव को देख वह अपलक निहार रही थीं। उन्हें नहीं समझ आ रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो पिता की आंखें नहीं खुल रही और मां लगातार रो रही है। मासूम बच्चों की यह पीड़ा देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जा रहे थे। मलबे में दबकर मृत अखिलेश की शादी अभी नहीं हुई थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाड़ला था।
बेटे के शव को छाती से लगाकर पिता नन्हकू बिलख रहे थे। वहीं सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्मण उर्फ लक्ष्मीशंकर को भी नौ माह का एक पुत्र है। इन तीनों का शव बरसठी थाने से ही सीधे पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद वहीं उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पंकज और अखिलेश के शव को पिता तो लक्ष्मण के शव को भाई ने मुखाग्नि दी। सड़क हादसे में मृत कपूरा देवी की ससुराल गहरौल गांव में थी। वह एक दिन पहले ही मायके आई थीं। पंचनामा के बाद परिजन उनका शव ससुराल ले गए। इसी तरह ऊषा देवी के शव को उनके ससुराल मछलीशहर के डिहिया ले जाया गया। परिजनों के अंतिम दर्शन के बाद सभी शव पोस्टमार्टम के लिए जौनपुर लाए गए। बृहस्पतिवार को भाजपा नेता अनिता राव और मनोज सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढ़स बंधाया।
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नवनिर्मित दीवार के मलबे में दबने से मृत पंकज के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी सीमा और दो मासूम बच्चे मुस्कान (3) व अंजोरा (डेढ़) हैं। बरसठी थाने में पिता के शव को देख वह अपलक निहार रही थीं। उन्हें नहीं समझ आ रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो पिता की आंखें नहीं खुल रही और मां लगातार रो रही है। मासूम बच्चों की यह पीड़ा देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जा रहे थे। मलबे में दबकर मृत अखिलेश की शादी अभी नहीं हुई थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाड़ला था।
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बेटे के शव को छाती से लगाकर पिता नन्हकू बिलख रहे थे। वहीं सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्मण उर्फ लक्ष्मीशंकर को भी नौ माह का एक पुत्र है। इन तीनों का शव बरसठी थाने से ही सीधे पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद वहीं उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पंकज और अखिलेश के शव को पिता तो लक्ष्मण के शव को भाई ने मुखाग्नि दी। सड़क हादसे में मृत कपूरा देवी की ससुराल गहरौल गांव में थी। वह एक दिन पहले ही मायके आई थीं। पंचनामा के बाद परिजन उनका शव ससुराल ले गए। इसी तरह ऊषा देवी के शव को उनके ससुराल मछलीशहर के डिहिया ले जाया गया। परिजनों के अंतिम दर्शन के बाद सभी शव पोस्टमार्टम के लिए जौनपुर लाए गए। बृहस्पतिवार को भाजपा नेता अनिता राव और मनोज सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढ़स बंधाया।
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