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फसल सुरक्षा के करें उपाय
ब्यूरो/ अमर उजाला जौनपुर
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:55 PM IST
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कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय बताए गए। किसान गोष्ठी का आयोजन राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किया गया था।
बक्शा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख जय प्रकाश सिंह राना की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय प्रबंध परिषद के सदस्य डा. शिवजीत यादव ने दीप जलाकर किया। कृषि उप निदेशक अशोक कुमार उपाध्याय ने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम समन्वयक डा. सुरेश कन्नौजिया ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों के बारे में जानकारी किसानों को दी। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डा. संदीप कुमार ने आलू में लगने वाले रोग झुलसा से बचाव की जानकारी दी। कहा कि 2.5 ग्राम मौकोजेब प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।
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कहा कि कोहरे की वजह से अरहर के फूल झड़ने की संभावना बढ़ गई है। किसान फसल में दो ग्राम सल्फर प्रति लीटर की दर से मिलाकर छिड़काव करने से लाभ होगा। फसलों को पाला से बचाव के लिए उसकी सिंचाई कर देनी चाहिए।
सिंचाई के बाद दो ग्राम घुलनशील सल्फर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। गोष्ठी को कृषि वैज्ञानिक डा. अश्विनी सिंह, डा. नरेंद्र रघुवंशी, डा. अमिताभ कर, सुरेंद्र प्रताप, डा. अनिल यादव आदि ने संबोधित किया।
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बक्शा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख जय प्रकाश सिंह राना की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय प्रबंध परिषद के सदस्य डा. शिवजीत यादव ने दीप जलाकर किया। कृषि उप निदेशक अशोक कुमार उपाध्याय ने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
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कार्यक्रम समन्वयक डा. सुरेश कन्नौजिया ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों के बारे में जानकारी किसानों को दी। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डा. संदीप कुमार ने आलू में लगने वाले रोग झुलसा से बचाव की जानकारी दी। कहा कि 2.5 ग्राम मौकोजेब प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।
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कहा कि कोहरे की वजह से अरहर के फूल झड़ने की संभावना बढ़ गई है। किसान फसल में दो ग्राम सल्फर प्रति लीटर की दर से मिलाकर छिड़काव करने से लाभ होगा। फसलों को पाला से बचाव के लिए उसकी सिंचाई कर देनी चाहिए।
सिंचाई के बाद दो ग्राम घुलनशील सल्फर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। गोष्ठी को कृषि वैज्ञानिक डा. अश्विनी सिंह, डा. नरेंद्र रघुवंशी, डा. अमिताभ कर, सुरेंद्र प्रताप, डा. अनिल यादव आदि ने संबोधित किया।