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दहेज हत्या में पति को 10 साल का कारावास
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:51 AM IST
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11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
- फोटो : Demo
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लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खीरी जयरामपट्टी गांव में तीन वर्ष पूर्व दहेज में कार की मांग को लेकर पत्नी को फांसी लगाकर मार डालने के मामले में गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने पति महेंद्र यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। जबकि संदेह का लाभ पाकर चार आरोपी बरी हो गए। अभियोजन कथानक के अनुसार- जलालपुर थाना क्षेत्र के सुरहुरपुर निवासी रामसूरत यादव ने थाना लाइन बाजार में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
कि उसकी पुत्री संगीता देवी की शादी 20 अप्रैल 2007 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खीरी जयरामपट्टी गांव निवासी महेंद्र यादव पुत्र राम अकबाल यादव के साथ किया था। दान दहेज में दो लाख रुपये नगद सहित बाइक व अन्य सामान दिया था।
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पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो पति महेंद्र की मर्चेंट नेवी में नौकरी लग गई। इस पर पति महेंद्र यादव, जेठ मनोज यादव, जेठानी संगीता यादव, देवर राजेंद्र यादव व ससुर रामअकबाल यादव ने दहेज में कार की मांग करने लगे, नहीं देने पर प्रताड़ित करने लगे।
उन्होंने 16 अप्रैल 2013 की रात पुत्री की हत्या कर दी और फांसी पर लटका दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने कुल सात गवाह पेश किए ।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के बहस व तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के बाद आरोपी पति महेंद्र यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि आरोपी जेठ, जेठानी, देवर व ससुर को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया।
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साथ ही दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। जबकि संदेह का लाभ पाकर चार आरोपी बरी हो गए। अभियोजन कथानक के अनुसार- जलालपुर थाना क्षेत्र के सुरहुरपुर निवासी रामसूरत यादव ने थाना लाइन बाजार में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
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कि उसकी पुत्री संगीता देवी की शादी 20 अप्रैल 2007 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खीरी जयरामपट्टी गांव निवासी महेंद्र यादव पुत्र राम अकबाल यादव के साथ किया था। दान दहेज में दो लाख रुपये नगद सहित बाइक व अन्य सामान दिया था।
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पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो पति महेंद्र की मर्चेंट नेवी में नौकरी लग गई। इस पर पति महेंद्र यादव, जेठ मनोज यादव, जेठानी संगीता यादव, देवर राजेंद्र यादव व ससुर रामअकबाल यादव ने दहेज में कार की मांग करने लगे, नहीं देने पर प्रताड़ित करने लगे।
उन्होंने 16 अप्रैल 2013 की रात पुत्री की हत्या कर दी और फांसी पर लटका दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने कुल सात गवाह पेश किए ।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के बहस व तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के बाद आरोपी पति महेंद्र यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि आरोपी जेठ, जेठानी, देवर व ससुर को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया।