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पिता-पुत्र सहित पांच को चार वर्ष का कारावास
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:15 AM IST
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लाोक अदालत
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एडीजे पंचम सुनील कुमार सिंह द्वितीय ने शुक्रवार को पिता पुत्र सहित पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए चार वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार-चार हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि अदा नही करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा सुनाई।
अभियोजन कथानक के अनुसार बदलापुर थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव निवासी राजपति यादव पुत्र राम निहोर ने थाने में रिपार्ट दर्ज कराई थी कि जमीन की रंजिश को लेकर छह जुलाई 2005 की सुबह साढे सात बजे खेत में मक्का बो रहे थे।
आरोपी गण अमृत लाल, उनके लड़के धीरेंद्र, संतोष, शैलेंद्र उर्फ अखिलेश और उनकी पत्नी निर्मला देवी हाथ में लाठी डंडा कुदाल लेकर गाली गलौज देते हुए मारने पीटने लगे। भाभी कमला देवी का सिर फट गया और बेहोश हो गई।
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शोर सुनकर गांव के श्रीनाथ, तुलसी आदि आ गए और बीच बचाव किया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता एसएमयूके हसन सिद्दीकी और विनय प्रकाश वर्मा ने कुल छह गवाह कोर्ट में पेश कराया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्को को सुनने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार देते चार वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड सुनाया। इसके क्रास केस में सभी आरोपी बरी कर दिए गए।
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अभियोजन कथानक के अनुसार बदलापुर थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव निवासी राजपति यादव पुत्र राम निहोर ने थाने में रिपार्ट दर्ज कराई थी कि जमीन की रंजिश को लेकर छह जुलाई 2005 की सुबह साढे सात बजे खेत में मक्का बो रहे थे।
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आरोपी गण अमृत लाल, उनके लड़के धीरेंद्र, संतोष, शैलेंद्र उर्फ अखिलेश और उनकी पत्नी निर्मला देवी हाथ में लाठी डंडा कुदाल लेकर गाली गलौज देते हुए मारने पीटने लगे। भाभी कमला देवी का सिर फट गया और बेहोश हो गई।
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शोर सुनकर गांव के श्रीनाथ, तुलसी आदि आ गए और बीच बचाव किया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता एसएमयूके हसन सिद्दीकी और विनय प्रकाश वर्मा ने कुल छह गवाह कोर्ट में पेश कराया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्को को सुनने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार देते चार वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड सुनाया। इसके क्रास केस में सभी आरोपी बरी कर दिए गए।