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पांच पर केस दर्ज कर भेजा जेल
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:44 AM IST
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बरसठी पुलिस हिरासत में नीली बत्ती गाड़ी के साथ पकड़े गए वर्दी धारी आरोपी।
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बरसठी के आलमगंज में पकड़े गए वर्दीधारी पांच युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया। इसमें एक के पास एसओजी लखनऊ का फर्जी आई कार्ड भी बरामद हुआ है। पुलिस उसे पूरे गिरोह का मास्टर माइंड बता रही है। उसने ही भर्ती के नाम पर अन्य युवकों को भी अपने जाल में फंसाया और वसूली भी की।
आलमगंज में भरत मिलाप मेला में नीली बत्ती लगी जायलो सवार वर्दीधारी दूकानदारों से वसूली कर रहे थे। वसूली के दौरान ही एक दूकानदार से विवाद हो गया। भीड़ जुटी तो पुलिस वाले भी पहुंच गए। शक होने पर गाड़ी समेत सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जांच में पता चला कि उसमें से चार भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के कस्तूरीपुर गांव एवं एक बरसठी थाना के राजापुर गांव का निवासी है। कस्तूरीपुर गांव के मानिकचन्द, दिनेश कुमार कन्नौजिया, राकेश कुमार यादव, राजेश कुमार प्रजापति, एवं राजापुर गांव का सुरेंद्र उफ़ॱर अनिल कुमार पुलिस की वर्दी पहन व नीली बत्ती लगी जायलो कार से मेले में वसूली कर रहे
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थे। एसपी अतुल सक्सेना ने बताया कि सुरेंद्र उफ़ॱर अनिल के पास से एसओजी लखनऊ के दरोगा का फर्जी आईकार्ड मिला है। जिसपर मोबाइल नंबर और उसके गांव का पता भी लिखा है। वही पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। उसने 20-20 हजार रुपये लेकर पुलिस की वर्दी, जूते बैज व नेम प्लेट दिया और कहा कि तुम्हारी ड्यूटी मेले में सुरक्षा के लिए लगाई जा रही है। जहां पांचों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बरसठी पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
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आलमगंज में भरत मिलाप मेला में नीली बत्ती लगी जायलो सवार वर्दीधारी दूकानदारों से वसूली कर रहे थे। वसूली के दौरान ही एक दूकानदार से विवाद हो गया। भीड़ जुटी तो पुलिस वाले भी पहुंच गए। शक होने पर गाड़ी समेत सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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जांच में पता चला कि उसमें से चार भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के कस्तूरीपुर गांव एवं एक बरसठी थाना के राजापुर गांव का निवासी है। कस्तूरीपुर गांव के मानिकचन्द, दिनेश कुमार कन्नौजिया, राकेश कुमार यादव, राजेश कुमार प्रजापति, एवं राजापुर गांव का सुरेंद्र उफ़ॱर अनिल कुमार पुलिस की वर्दी पहन व नीली बत्ती लगी जायलो कार से मेले में वसूली कर रहे
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थे। एसपी अतुल सक्सेना ने बताया कि सुरेंद्र उफ़ॱर अनिल के पास से एसओजी लखनऊ के दरोगा का फर्जी आईकार्ड मिला है। जिसपर मोबाइल नंबर और उसके गांव का पता भी लिखा है। वही पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। उसने 20-20 हजार रुपये लेकर पुलिस की वर्दी, जूते बैज व नेम प्लेट दिया और कहा कि तुम्हारी ड्यूटी मेले में सुरक्षा के लिए लगाई जा रही है। जहां पांचों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बरसठी पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया।