{"_id":"5890eb814f1c1bd97ee80c36","slug":"conviction-three-to-life-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोष सिद्ध, तीन को आजीवन कारावास ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दोष सिद्ध, तीन को आजीवन कारावास
jaunpur
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:24 AM IST
विज्ञापन
court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बक्शा थाना क्षेत्र में लगभग पांच वर्ष पूर्व चकपरे भूमि में दरवाजा खोलने के विवाद को लेकर गोली मारकर हत्या करने के मामले में मंगलवार को एडीजे द्वितीय अरविंद मलिक ने तीन हत्यारोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थ दंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन कथानक के अनुसार- बक्शा थाना क्षेत्र के साहिनपुर निवासी राकेश कुमार पुत्र रामनिरंजन यादव ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम चकमिर्जापुर के राजेश उर्फ पिल्लू पुत्र उदयराज, सतीश पुत्र रामधारी व अजय पुत्र तिलकधारी से चकपरे जमीन में दरवाजा खोलने की बात को लेकर रंजिश थी।
इसी बात को लेकर 10 नवंबर 2012 की रात एक बजे तीनों आरोपी मोटर साइकिल से आए। गाड़ी खड़ी करके बरामदे में सो रहे मेरे भाई क्षमानाथ के बायीं कनपटी पर गोली मार दी। आवाज सुनकर मै और मेरा भाई अशोक, राजेश तथा भतीजा रजनीकांत जाग कर हल्ला किये तो आरोपीगण गाली व धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहरलाल यादव व ज्ञानेंद्र यादव ने कुल छह गवाह कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने और पत्रावली के साक्ष्यों के बाद तीनों आरोपियों राजेश, सतीश एवं अजय को दोषी पात हुए आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन कथानक के अनुसार- बक्शा थाना क्षेत्र के साहिनपुर निवासी राकेश कुमार पुत्र रामनिरंजन यादव ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम चकमिर्जापुर के राजेश उर्फ पिल्लू पुत्र उदयराज, सतीश पुत्र रामधारी व अजय पुत्र तिलकधारी से चकपरे जमीन में दरवाजा खोलने की बात को लेकर रंजिश थी।
विज्ञापन
इसी बात को लेकर 10 नवंबर 2012 की रात एक बजे तीनों आरोपी मोटर साइकिल से आए। गाड़ी खड़ी करके बरामदे में सो रहे मेरे भाई क्षमानाथ के बायीं कनपटी पर गोली मार दी। आवाज सुनकर मै और मेरा भाई अशोक, राजेश तथा भतीजा रजनीकांत जाग कर हल्ला किये तो आरोपीगण गाली व धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहरलाल यादव व ज्ञानेंद्र यादव ने कुल छह गवाह कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने और पत्रावली के साक्ष्यों के बाद तीनों आरोपियों राजेश, सतीश एवं अजय को दोषी पात हुए आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन