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अराजक तत्वों ने तोड़ी अंबेडकर की प्रतिमा
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 09 Jan 2015 12:00 AM IST
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बक्शा थानाक्षेत्र के बेलापार गांव में रेलवे लाइन के किनारे स्थापित डा. अंबेडकर की प्रतिमा बुधवार की रात में अराजक तत्वों ने तोड़ दी। सुबह प्रतिमा टूटने की खबर लगी तो वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। दलित बस्ती की महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने प्रतिमा के सामने ही प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मौके पर पहुंचे प्रभारी थानाध्यक्ष ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। एसओ ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। थोड़ी ही देर में सूचना पर एडीएम और एएसपी ग्रामीण पीएसी और पुलिस के साथ पहुंच गए। । अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन और वहां डा. अंबेडकर की नई प्रतिमा स्थापित कराने के बाद गुस्सा शांत हुआ।
बक्शा थानाक्षेत्र के बेलापार गांव में रेलवे लाइन के किनारे डा. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। गांव निवासी जयश्री सुबह अपनी दुकान खोलने गया तो देखा गुमटी का ताला टूटा था। गुमटी में रखे कुछ सामान भी गायब थे। डा. अंबेडकर की मूर्ति के गर्दन में साड़ी का फंदा लगा था। हाथ और चश्मा भी टूटा हुआ था। इसकी सूचना उन्होंने गांव वालों को दी तो लोगों की भीड़ लग गई।
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बस्ती के लोगों ने कहा कि यह तीसरी बार है, जब यहां डा. अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई है। अब तक एक बार भी पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद बार-बार मूर्ति न तोड़ी जाती। सूचना पर ओमप्रकाश गौतम, बसपा के पूर्व जिला महासचिव अमरजीत गौतम, प्रधान लालबहादुर गौतम, प्रमोद कुमार, अजय कुमार, महेंद्र कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुनिराम यादव समेत बसपा के कई कार्यकर्ता भी पहुंच गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम गंगाराम गुप्त, एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एएसपी ग्रामीण ओपी पांडेय, तहसीलदार, बदलापुर और बक्शा थाने की फोर्स और पीएसी के जवान भी पहुंच गए।
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मौके पर पहुंचे प्रभारी थानाध्यक्ष ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। एसओ ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। थोड़ी ही देर में सूचना पर एडीएम और एएसपी ग्रामीण पीएसी और पुलिस के साथ पहुंच गए। । अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन और वहां डा. अंबेडकर की नई प्रतिमा स्थापित कराने के बाद गुस्सा शांत हुआ।
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बक्शा थानाक्षेत्र के बेलापार गांव में रेलवे लाइन के किनारे डा. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। गांव निवासी जयश्री सुबह अपनी दुकान खोलने गया तो देखा गुमटी का ताला टूटा था। गुमटी में रखे कुछ सामान भी गायब थे। डा. अंबेडकर की मूर्ति के गर्दन में साड़ी का फंदा लगा था। हाथ और चश्मा भी टूटा हुआ था। इसकी सूचना उन्होंने गांव वालों को दी तो लोगों की भीड़ लग गई।
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बस्ती के लोगों ने कहा कि यह तीसरी बार है, जब यहां डा. अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ी गई है। अब तक एक बार भी पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद बार-बार मूर्ति न तोड़ी जाती। सूचना पर ओमप्रकाश गौतम, बसपा के पूर्व जिला महासचिव अमरजीत गौतम, प्रधान लालबहादुर गौतम, प्रमोद कुमार, अजय कुमार, महेंद्र कुमार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुनिराम यादव समेत बसपा के कई कार्यकर्ता भी पहुंच गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम गंगाराम गुप्त, एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एएसपी ग्रामीण ओपी पांडेय, तहसीलदार, बदलापुर और बक्शा थाने की फोर्स और पीएसी के जवान भी पहुंच गए।