{"_id":"5bcb7b14bdec2269c41f4288","slug":"15400619397-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ता पर हमले से भड़के वकील","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अधिवक्ता पर हमले से भड़के वकील
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जौनपुर। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता दिनेश मिश्र निवासी वंशगोपालपुर लाइन बाजार को 18 अक्टूबर को घर में घुसकर मारपीट कर चोटें पहुंचाने के मामले में अधिवक्ता समुदाय आक्रोशित है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। सोमवार को अधिवक्ता अग्रिम रणनीति तय करेंगे।
अधिवक्ता दिनेश ने लाइन बाजार थाना में दीवानी न्यायालय के कर्मचारी दुर्गेश मिश्र, मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने वाले दुर्गेश के पुत्र रजनीश, आरोपी सुनील पांडेय व मुकेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराया कि 18 अक्तूबर को 9 बजे सुबह उनकी बैनामाशुदा जमीन पर अभियुक्त कब्जे का प्रयास करने लगे। रोकने पर चारों आरोपी घर में घुसकर मारे पीटे, गालियां व जान से मारने की धमकी दी। अधिवक्ता दिनेश का कहना है कि एक विधायक थानाध्यक्ष लाइन बाजार को फोन कर दबाव बना रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होनी चाहिए। आरोपी धमकी दे रहे हैं कि बैनामा भले करा लिए हैं लेकिन बनाने नहीं देंगे। जमीन में पांव नहीं रखने देंगे। अधिवक्ताओं ने सभी अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
अधिवक्ता दिनेश ने लाइन बाजार थाना में दीवानी न्यायालय के कर्मचारी दुर्गेश मिश्र, मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने वाले दुर्गेश के पुत्र रजनीश, आरोपी सुनील पांडेय व मुकेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराया कि 18 अक्तूबर को 9 बजे सुबह उनकी बैनामाशुदा जमीन पर अभियुक्त कब्जे का प्रयास करने लगे। रोकने पर चारों आरोपी घर में घुसकर मारे पीटे, गालियां व जान से मारने की धमकी दी। अधिवक्ता दिनेश का कहना है कि एक विधायक थानाध्यक्ष लाइन बाजार को फोन कर दबाव बना रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होनी चाहिए। आरोपी धमकी दे रहे हैं कि बैनामा भले करा लिए हैं लेकिन बनाने नहीं देंगे। जमीन में पांव नहीं रखने देंगे। अधिवक्ताओं ने सभी अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन