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Jaunpur News: 100 फीसदी नालों की सफाई का दावा-डेढ़ घंटे की बारिश में ही दिखी हकीकत
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जौनपुर। जिले के विकास के लिए तमाम कवायद की जा रही है लेकिन सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की दूर नहीं की जा रही है। हल्की बरसात में ही मुख्य सड़कें और मोहल्ले जलमग्न हो जा रहे हैं। उधर, नगर पालिका का दावा है कि शहर के नालों और नालियों की सफाई हो गई है। निचले इलाकों को छोड़ जल-निकास की कहीं कोई समस्या नहीं है लेकिन पड़ताल की गई तो हकीकत कुछ और निकला।
शहर में शनिवार की दोपहर 11.30 से एक बजे तक डेढ़ घंटे बारिश हुई। इस दौरान रुहट्टा, कालीकुत्ती, ईशापुर, कलेक्ट्रेट में सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने, ओलंदगंज, पान दरीबा, लाइन बाजार चौराहा, टीडी कॉलेज दक्षिणी जैसे इलाकों में बारिश थमने के घंटों बाद तक पानी भरा रहा। इससे यह साबित हो रहा है कि नाले-नालियों की सफाई ठीक से नहीं हुई है।
50 नाले-नालियों की सफाई का है दावा-नगर पालिका परिषद जौनपुर द्वारा 25 अप्रैल से 15 जून तक नालों की सफाई की गई। इसमें 50 नाले हैं, जिसमें बड़े नालों की संख्या 12, मझले नालों की संख्या 15, छोटे नालों की संख्या 23 है। नगर पालिका की तरफ से 21 हजार 500 मीटर नाला की सफाई की गई।
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केस वन :-कालीकुत्ती में एक घंटे की बारिश भी जलभराव हो गया। वजह कि जिस मार्ग से पानी की निकासी होनी है वहां पर घर बनाकर पक्का अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे ठीक ढंग से सफाई नहीं हो पाती है। इस इलाके में यह समस्या 30 साल से भी अधिक पुरानी है। जिम्मेदारों द्वारा आज तक इसका कोई ठोस उपाय नहीं निकाला गया।
केस टू :-ईशापुर में बड़े नाले हैं। निचला इलाका होने के कारण बारिश का पानी भर जाता है। एक नाला पर पक्के भवन के निर्माण से जल निकासी नहीं हो पा रही है।स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष मामला उठाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
केस थ्री :-कलेक्ट्रेट में सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने थोड़ी सी बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। इस इलाके में जिले के आलाधिकारी बैठते हैं। ठीक सामने विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी व एसपी कार्यालय है।
नाला सफाई का कार्य 15 जून तक पूरा कर लिया गया है। 50 नालों की सफाई कराई जा चुकी है। जिन जगहों पर बारिश में जलभराव की शिकायतें आती हैं, वहां पर गैंग भेजकर नाला साफ कराया जाता है।- पवन कुमार, अधिशासी अधिकारी, जौनपुर।
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शहर में शनिवार की दोपहर 11.30 से एक बजे तक डेढ़ घंटे बारिश हुई। इस दौरान रुहट्टा, कालीकुत्ती, ईशापुर, कलेक्ट्रेट में सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने, ओलंदगंज, पान दरीबा, लाइन बाजार चौराहा, टीडी कॉलेज दक्षिणी जैसे इलाकों में बारिश थमने के घंटों बाद तक पानी भरा रहा। इससे यह साबित हो रहा है कि नाले-नालियों की सफाई ठीक से नहीं हुई है।
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50 नाले-नालियों की सफाई का है दावा-नगर पालिका परिषद जौनपुर द्वारा 25 अप्रैल से 15 जून तक नालों की सफाई की गई। इसमें 50 नाले हैं, जिसमें बड़े नालों की संख्या 12, मझले नालों की संख्या 15, छोटे नालों की संख्या 23 है। नगर पालिका की तरफ से 21 हजार 500 मीटर नाला की सफाई की गई।
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केस वन :-कालीकुत्ती में एक घंटे की बारिश भी जलभराव हो गया। वजह कि जिस मार्ग से पानी की निकासी होनी है वहां पर घर बनाकर पक्का अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे ठीक ढंग से सफाई नहीं हो पाती है। इस इलाके में यह समस्या 30 साल से भी अधिक पुरानी है। जिम्मेदारों द्वारा आज तक इसका कोई ठोस उपाय नहीं निकाला गया।
केस टू :-ईशापुर में बड़े नाले हैं। निचला इलाका होने के कारण बारिश का पानी भर जाता है। एक नाला पर पक्के भवन के निर्माण से जल निकासी नहीं हो पा रही है।स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष मामला उठाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
केस थ्री :-कलेक्ट्रेट में सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने थोड़ी सी बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। इस इलाके में जिले के आलाधिकारी बैठते हैं। ठीक सामने विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी व एसपी कार्यालय है।
नाला सफाई का कार्य 15 जून तक पूरा कर लिया गया है। 50 नालों की सफाई कराई जा चुकी है। जिन जगहों पर बारिश में जलभराव की शिकायतें आती हैं, वहां पर गैंग भेजकर नाला साफ कराया जाता है।- पवन कुमार, अधिशासी अधिकारी, जौनपुर।