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UP: इंजेक्शन लगाने के अगले दिन 4 वर्षीय मासूम की मौत, बुखार की दवा लेने गए थे परिजन; क्लीनिक बंदकर संचालक भागा

Wed, 05 Aug 2026 07:35 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 05 Aug 2026 07:35 PM IST
सार

Jaunpur News: बुखार के इलाज के लिए निजी क्लीनिक में इंजेक्शन लगाए जाने के अगले दिन एक मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्लीनिक बंद मिला, जबकि संचालक फरार था। पंजीकरण, चिकित्सकीय व्यवस्था और स्टाफ की योग्यता की जांच शुरू कर दी गई है।

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child dies one day after receiving injection family gone get fever medication clinic operator fled
माही की फाइल फोटो और अस्पताल के बाहर भीड़। - फोटो : संवाद

विस्तार

UP News: केराकत कोतवाली क्षेत्र के पेसारा गांव की चार वर्षीय बच्ची की कथित इंजेक्शन के बाद हुई मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने निजी क्लीनिक पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि जांच के दौरान क्लीनिक बंद मिला और संचालक फरार बताया गया। 

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पेसारा गांव निवासी राहुल कन्नौजिया की चार वर्षीय पुत्री माही को रविवार शाम बुखार होने पर बाजार स्थित मदर चाइल्ड केयर एंड जनरल चिकित्सा केंद्र ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्ची की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। अगले दिन इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द और सूजन के साथ शरीर पर फफोले जैसे दाने निकल आए। 
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फोन पर संपर्क करने पर नमक के पानी से सिकाई की सलाह दी गई, लेकिन मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की और हंगामा भी किए। मृतका के पिता राहुल कन्नौजिया का कहना है कि देर रात तक थाने में रहने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और समझौते का दबाव बनाया गया। 
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ग्रामीणों ने क्लीनिक के बोर्ड पर शहर के चिकित्सकों के नाम दर्ज होने का हवाला देते हुए उसके पंजीकरण, चिकित्सकीय व्यवस्था और कर्मचारियों की योग्यता की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कोतवाली प्रभारी अरविंद पांडेय ने बताया कि समझौता का प्रयास नहीं किया गया। अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जांच में बंद मिला क्लीनिक, नहीं मिला कोई पेपर, संचालक फरार
घटना की जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. गंगा राम ने जांच का आदेश दिया, जिसके बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने पहुंची। सीएचसी मुफ्तीगंज के अधीक्षक डॉ. जी.के. सिंह ने बताया कि डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान संबंधित निजी क्लीनिक बंद मिला और उसका संचालक फरार था। टीम ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई।

मकान मालिक विकास कुमार राय से क्लीनिक के किरायानामा अथवा एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। अधीक्षक ने बताया कि यदि संबंधित संचालक दोबारा क्लीनिक संचालित करता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

UP: इंजेक्शन लगाने के अगले दिन 4 वर्षीय मासूम की मौत, बुखार की दवा लेने गए थे परिजन; क्लीनिक बंदकर संचालक भागा
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