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सीबीआई ने सीएमओ से की पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sat, 25 Apr 2015 12:00 AM IST
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एनआरएचएम घोटाले के मामले में शुक्रवार को सीबीआई के इंस्पेक्टर ने सीएमओ और डिप्टी सीएमओ से बंद कमरे में पूछताछ की। इंस्पेक्टर यहां से कई पूर्व सीएमओ और एनआरएचएम से जुड़े प्रमुख पटल के कर्मचारियों के नाम और
मोबाइल नंबर ले गए। बताया जा रहा है कि सीएमओ दफ्तर के कुछ कर्मचारी शुक्रवार को कार्यालय ही नहीं आए सीबीआई इंस्पेक्टर के पहुंचने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। उन्होंने सीएमओ और डिप्टी
सीएमओ तथा टीबी अस्पताल के अधीक्षक डा. आनंद चौधरी से पूछताछ की। डा. चौधरी तत्कालीन समय 2010 से लगभग 2012 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का काम देखते थे। दवाओं की खरीद और बिल भुगतान की जिम्मेदारी
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भी उनके पास थी। इंस्पेक्टर ने बिल वाउचर का भी मिलान किया। फार्मासिस्ट अरविंद सिंंह से भी पूछताछ की गई। जांच से जुड़े सवालों पर सीएमओ डा. डीके यादव ने कहा कि एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई पहले से ही जांच कर
रही है। यह मामला उनके यहां आने के काफी पहले का है। सीबीआई के इंस्पेक्टर यहां आए थे। उन्होंने कार्यालय के स्टोर रूम समेत अन्य कार्यालयों का नजरी नक्सा तैयार किया। कुछ अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी लिए। वह यहां
करीब डेढ़ घंटे रहे। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के इंस्पेक्टर यहां पूर्व में तैनात रहे सीएमओ परिवार कल्याण डा. एसएन उपाध्याय, डा. डीके पटैरिया, चीफ एकाउंटेंट बेचू पांडेय समेत कुछ अन्य रिटायर्ड अधिकारियों के नाम, पता और मोबाइल नंबर ले गए।
इन रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों का पेंशन इसी कार्यालय से जारी किया जाता है। इस कारण उनका पता और मोबाइल नंबर भी यहीं से अपडेट होता है।
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मोबाइल नंबर ले गए। बताया जा रहा है कि सीएमओ दफ्तर के कुछ कर्मचारी शुक्रवार को कार्यालय ही नहीं आए सीबीआई इंस्पेक्टर के पहुंचने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। उन्होंने सीएमओ और डिप्टी
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सीएमओ तथा टीबी अस्पताल के अधीक्षक डा. आनंद चौधरी से पूछताछ की। डा. चौधरी तत्कालीन समय 2010 से लगभग 2012 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का काम देखते थे। दवाओं की खरीद और बिल भुगतान की जिम्मेदारी
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भी उनके पास थी। इंस्पेक्टर ने बिल वाउचर का भी मिलान किया। फार्मासिस्ट अरविंद सिंंह से भी पूछताछ की गई। जांच से जुड़े सवालों पर सीएमओ डा. डीके यादव ने कहा कि एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई पहले से ही जांच कर
रही है। यह मामला उनके यहां आने के काफी पहले का है। सीबीआई के इंस्पेक्टर यहां आए थे। उन्होंने कार्यालय के स्टोर रूम समेत अन्य कार्यालयों का नजरी नक्सा तैयार किया। कुछ अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी लिए। वह यहां
करीब डेढ़ घंटे रहे। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई के इंस्पेक्टर यहां पूर्व में तैनात रहे सीएमओ परिवार कल्याण डा. एसएन उपाध्याय, डा. डीके पटैरिया, चीफ एकाउंटेंट बेचू पांडेय समेत कुछ अन्य रिटायर्ड अधिकारियों के नाम, पता और मोबाइल नंबर ले गए।
इन रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों का पेंशन इसी कार्यालय से जारी किया जाता है। इस कारण उनका पता और मोबाइल नंबर भी यहीं से अपडेट होता है।