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अस्पताल के बाहर छटपटाते मरीजों को ऑक्सीजन देने वाले युवक पर केस दर्ज
Fri, 30 Apr 2021 10:00 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 30 Apr 2021 10:00 PM IST
सार
सीएमएस ने तीन लोगों पर महामारी उन्मूलन एक्ट का मुकदमा कराया
आठ सिलिंडरों की मदद से युवक ने 14 लोगों को आक्सीजन देकर पहुंचाई राहत
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
जौनपुर में बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध न होने पर जिला अस्पताल परिसर में छटपटाते मरीजों को ऑक्सीजन देने वाले युवक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज हो गया है। सीएमएस की तहरीर पर पुलिस तीनों के खिलाफ महामारी फैलाने का केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है।
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जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को उपचार के लिए दूरदराज से पहुंचे मरीजों को बेड के अभाव में भर्ती नहीं किया गया तो वह परिसर में ही फर्श पर छटपटाते लगे। यह दृश्य प्राइवेट एंबुलेंस चलवाने वाले युवक विक्की अग्रहरि ने देखा तो आननफानन में अपनी एंबुलेंस में मौजूद तीन सिलिंडरों को निकालकर मरीजों को ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया। बाद में उसने एक अन्य एंबुलेंस से भी तीन सिलिंडर मांग लिए। इसके बाद एक अन्य युवक जिसने अपने पिता के लिए सिलिंडर मंगाए थे, किंतु पिता की मौत हो जाने पर बचे दो सिलिंडर भी विक्की को सौंप दिए। कुल आठ सिलिंडरों की मदद से युवक ने 14 लोगों को आक्सीजन देकर राहत पहुंचाई।
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यह मदद अस्पताल प्रशासन को यह नागवार लगी। मामला सुर्खियों में आने के बाद पहुंचे सीएमएस ने मरीजों को तो किसी तरह अस्पताल में भर्ती कर लिया, लेकिन शुक्रवार को विक्की अग्रहरि और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ धारा 144 और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन, महामारी फैलाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर दिया। सीएमएस डॉ. अनिल शर्मा का कहना था कि ओपीडी पर्ची काउंटर के बगल में मरीजों को लेटाकर युवक ऑक्सीजन दे रहा था, जबकि वह न तो इसके लिए अधिकृत था और न ही उसके पास कोई डिग्री है। यह मरीजों की जान से खिलवाड़ करना था। बस अस्पताल प्रशासन की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया था। कोतवाली प्रभारी तारावती यादव ने बताया कि मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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