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पारिवारिक कलह से ऊबकर शिक्षक ने फांसी लगाकर दी जान
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फोटो
पारिवारिक कलह से तंग शिक्षक ने दी जान
सुसाइड नोट में लिखा भगवान दहेज लोभी परिवार में न दे जन्म
अमर उजाला ब्यूरो
शाहगंज (जौनपुर)। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के शाहपंजा मोहल्ला निवासी एवं सर सैयद अहमद इंटर कालेज सबरहद में तैनात स्काउट गाइड के अध्यापक फूल कुमार प्रजापति ने पारिवारिक कलह से तंग आकर जान दे दी। रविवार को सुबह सात बजे उसका शव घर के कमरे में पंखे के सहारे रस्सी के फंदे पर लटकता पाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमेंलिखा है कि भगवान दहेज लोभी परिवार में कभी जन्म न दें।
शिक्षक फूल कुमार का विवाह तीन वर्ष पूर्व जौनपुर शहर निवासी सुविधा उर्फ कोमल पुत्री वीरेंद्र प्रजापति के साथ हुआ था। फूल कुमार ने शादी में दहेज नहीं लिया था। इसी बात को लेकर परिवार में आए दिन कलह का माहौल रहता था। रोजाना की कलह से तंग आकर अध्यापक ने शनिवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने अपनी सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिममेदार अपने भाई व दो बहनों को बताया है। मृत्यु से पूर्व लिखे गए पत्र में कहा है कि शादी के बाद से ही मेरी पत्नी व मुझे इतना परेशान किया गया की बेबस होकर मुझे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षित होने के नाते समाज मुझे गलत कहेगा लेकिन ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दहेज लोभियों के परिवार में बेटे को जन्म न दे। वह डेढ़ वर्ष की एक पुत्री के पिता भी थे। गोमती नदी के रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के चाचा लगने वाले अमदेव ने शिक्षक के शव को मुखाग्नि दी। पिता और भाई घाट पर नहीं आए। जबकि मृत शिक्षक के दोस्त लखनऊ से आकर दाहसंस्कार में शामिल हुए। गांव गिरांव के तमाम लोंग घाट पर पहुंचे।
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पारिवारिक कलह से तंग शिक्षक ने दी जान
सुसाइड नोट में लिखा भगवान दहेज लोभी परिवार में न दे जन्म
अमर उजाला ब्यूरो
शाहगंज (जौनपुर)। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के शाहपंजा मोहल्ला निवासी एवं सर सैयद अहमद इंटर कालेज सबरहद में तैनात स्काउट गाइड के अध्यापक फूल कुमार प्रजापति ने पारिवारिक कलह से तंग आकर जान दे दी। रविवार को सुबह सात बजे उसका शव घर के कमरे में पंखे के सहारे रस्सी के फंदे पर लटकता पाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमेंलिखा है कि भगवान दहेज लोभी परिवार में कभी जन्म न दें।
शिक्षक फूल कुमार का विवाह तीन वर्ष पूर्व जौनपुर शहर निवासी सुविधा उर्फ कोमल पुत्री वीरेंद्र प्रजापति के साथ हुआ था। फूल कुमार ने शादी में दहेज नहीं लिया था। इसी बात को लेकर परिवार में आए दिन कलह का माहौल रहता था। रोजाना की कलह से तंग आकर अध्यापक ने शनिवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने अपनी सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिममेदार अपने भाई व दो बहनों को बताया है। मृत्यु से पूर्व लिखे गए पत्र में कहा है कि शादी के बाद से ही मेरी पत्नी व मुझे इतना परेशान किया गया की बेबस होकर मुझे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षित होने के नाते समाज मुझे गलत कहेगा लेकिन ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दहेज लोभियों के परिवार में बेटे को जन्म न दे। वह डेढ़ वर्ष की एक पुत्री के पिता भी थे। गोमती नदी के रामघाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के चाचा लगने वाले अमदेव ने शिक्षक के शव को मुखाग्नि दी। पिता और भाई घाट पर नहीं आए। जबकि मृत शिक्षक के दोस्त लखनऊ से आकर दाहसंस्कार में शामिल हुए। गांव गिरांव के तमाम लोंग घाट पर पहुंचे।
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