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बोले सो निहाल से गूंजा गुरुद्वारा
अमर उजाला ब्यूरो जौनपुर।
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:03 AM IST
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सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का 349 वां प्रकाशोत्सव पर्व रविवार को चाचकपुर स्थित गुरु तेग बहादुर तप स्थान पर श्रद्धा से मनाया गया। जिसमें उनके कृतित्व व व्यक्तित्व प्रकाश डाला गया।
रागी जत्थों ने सबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। बोले सो निहाल से गुरुद्वारे गूंज उठे। बाद में श्रद्धालु गुरु के लंगर में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवाणी से हुआ। जगाधरी पंजाब से आए रागी जत्था भाई गुरविंदर सिंह पंक्षी और उनके सहयोगियों ने सबद कीर्तन प्रस्तुत किया। इसके बाद गुरुद्वारे के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह ने गुरुगोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव पर्व की श्रृंखला में 12 से 16 जनवरी तक प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी रासमंडल स्थित गुरुद्वारा में संपन्न हुई।
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14 जनवरी को प्रात: साढ़ सात बजे गुरु ग्रंथ साहब का अखंड पाठ शुरु हुआ जो 16 जनवरी को संपन्न हुआ। कार्यक्रम श्री गुरु सिंह सभा व गुरु सेवक जत्था के संयुक्त तत्वावधान में गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह की देख-रेख में संपन्न हुआ।
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रागी जत्थों ने सबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। बोले सो निहाल से गुरुद्वारे गूंज उठे। बाद में श्रद्धालु गुरु के लंगर में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवाणी से हुआ। जगाधरी पंजाब से आए रागी जत्था भाई गुरविंदर सिंह पंक्षी और उनके सहयोगियों ने सबद कीर्तन प्रस्तुत किया। इसके बाद गुरुद्वारे के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह ने गुरुगोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने बताया कि सबसे पहले गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव पर्व की श्रृंखला में 12 से 16 जनवरी तक प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी रासमंडल स्थित गुरुद्वारा में संपन्न हुई।
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14 जनवरी को प्रात: साढ़ सात बजे गुरु ग्रंथ साहब का अखंड पाठ शुरु हुआ जो 16 जनवरी को संपन्न हुआ। कार्यक्रम श्री गुरु सिंह सभा व गुरु सेवक जत्था के संयुक्त तत्वावधान में गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह की देख-रेख में संपन्न हुआ।