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Jaunpur News: पूविवि के छात्रावास में जहर खाकर बी फार्मा के छात्र ने दी जान
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करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के चरक छात्रावास में रहकर बी.फार्मा की पढ़ाई करने वाले एक छात्र ने बृहस्पतिवार को दिन में छात्रावास के अंदर ही जहर खा लिया। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज विश्वविद्यालय के छात्रों ने शाम को जमकर हो हल्ला मचाया। जौनपुर-शाहगंज मार्ग को जाम करके कार्रवाई की मांग की। करीब तीन घंटे के बाद रात आठ बजे के बाद जाम समाप्त हुआ।
गाजीपुर जनपद के राजापुर कासीमाबाद निवासी विवेक कुमार (18) पुत्र श्रवण कुमार पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीफार्मा द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह विश्वविद्यालय के ही चरक छात्रावास में रहता था। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, दोपहर करीब पौने दो बजे विवेक ने अपने रूम पार्टनर अनीष राजभर को फोन करके रूम में बुलाया और कहा कि पेट में दर्द हो रहा है। वहां जाने पर एंबुलेंस बुलाई गई और उससे अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में विवेक ने जहर खाने की जानकारी दी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक से भी यहीं बताया। वहां उपचार शुरू हुआ कि कुछ देर के बाद मौत हो गई। इसकी जानकारी जब छात्रों को हुई तो वे विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शाम को सड़क जाम कर दिए। उनका कहना था कि एंबुलेंस आने में देर हुई। यहां इमरजेंसी हॉस्पिटल होना चाहिए। जानकारी मिलने पर सीओ सदर संत प्रसाद उपाध्याय ने पहुंचकर छात्रों को समझाया फिर भी करीब तीन घंटे के बाद रात आठ बजे तक भी जाम समाप्त नहीं हो सका।
एक दिन पहले ही घर से आया था विवेक
करंजाकला। जहर खाकर जान देने वाला छात्र विवेक एक दिन पहले ही घर से आया था। जिला अस्पताल में करीब साढ़े सात बजे उसके परिवार के लोग पहुंचे। बताया कि एक दिन पहले ही वह गाजीपुर से आया था। विवेक दो भाईयों में बड़ा था। परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों से वह लोगों से बहुत बात नहीं करता था। उसका उपचार भी वाराणसी के बीएचयू से हो रहा था।
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वार्डेन व चीफ वार्डेन हटाए गए
छात्र की मौत मामले में तनावपूर्ण स्थिति को देखकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल चरक हॉस्टल के वार्डेन और चीफ वार्डेन को हटा दिया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार ने बताया कि वार्डेन डॉ. प्रवीण कुमार सिंह व चीफ वार्डेन प्रो. रजनीश भाष्कर को कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर डॉ. राजकुमार को वार्डेन व चीफ वार्डेन का दायित्व सौंपा गया है।
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गाजीपुर जनपद के राजापुर कासीमाबाद निवासी विवेक कुमार (18) पुत्र श्रवण कुमार पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीफार्मा द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह विश्वविद्यालय के ही चरक छात्रावास में रहता था। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, दोपहर करीब पौने दो बजे विवेक ने अपने रूम पार्टनर अनीष राजभर को फोन करके रूम में बुलाया और कहा कि पेट में दर्द हो रहा है। वहां जाने पर एंबुलेंस बुलाई गई और उससे अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में विवेक ने जहर खाने की जानकारी दी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक से भी यहीं बताया। वहां उपचार शुरू हुआ कि कुछ देर के बाद मौत हो गई। इसकी जानकारी जब छात्रों को हुई तो वे विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शाम को सड़क जाम कर दिए। उनका कहना था कि एंबुलेंस आने में देर हुई। यहां इमरजेंसी हॉस्पिटल होना चाहिए। जानकारी मिलने पर सीओ सदर संत प्रसाद उपाध्याय ने पहुंचकर छात्रों को समझाया फिर भी करीब तीन घंटे के बाद रात आठ बजे तक भी जाम समाप्त नहीं हो सका।
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एक दिन पहले ही घर से आया था विवेक
करंजाकला। जहर खाकर जान देने वाला छात्र विवेक एक दिन पहले ही घर से आया था। जिला अस्पताल में करीब साढ़े सात बजे उसके परिवार के लोग पहुंचे। बताया कि एक दिन पहले ही वह गाजीपुर से आया था। विवेक दो भाईयों में बड़ा था। परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों से वह लोगों से बहुत बात नहीं करता था। उसका उपचार भी वाराणसी के बीएचयू से हो रहा था।
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वार्डेन व चीफ वार्डेन हटाए गए
छात्र की मौत मामले में तनावपूर्ण स्थिति को देखकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल चरक हॉस्टल के वार्डेन और चीफ वार्डेन को हटा दिया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार ने बताया कि वार्डेन डॉ. प्रवीण कुमार सिंह व चीफ वार्डेन प्रो. रजनीश भाष्कर को कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर डॉ. राजकुमार को वार्डेन व चीफ वार्डेन का दायित्व सौंपा गया है।